अतिपिछड़ा समाज
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बिहार में अतिपिछड़ा समाज को 18% बढ़ाकर 33% मिलेगा आरक्षण ? नीतीश के मंत्री ने कहा-राज्य के सम्पूर्ण विकास के लिए जरुरी

डेस्क: मेरे प्रिय अतिपिछड़े भाइयों एवं बहनों, बिहार राज्य सामाजिक न्याय के मामले में देश में अग्रणी रहा है। जननायक कर्पूरी ठाकुर ने वर्ष 1978 में ही पिछड़ों एवं अतिपिछड़ो के हित में आरक्षण लागू किया। उसके बाद कई जातियों को समय समय पर BC 1 अर्थात् अतिपिछड़ा वर्ग में जोड़ा गया, लेकिन अतिपिछड़ा का आरक्षण कोटा नहीं बढ़ाया गया। इससे पुराने अतिपिछड़ी जातियों को नुक़सान हुआ। उदाहरण के तौर पर 64 वी एवं 65 वी BPSC में अतिपिछड़ा कोटा के 50% से अधिक सफल विद्यार्थी बाद में जोड़े गए जातियों से है, और आधे से कम पुराने अतिपिछड़ी जातियों से हैं। इसी तरह, चाहे शिक्षा, नौकरी या फिर राजनीति हो, सभी जगह पुरानी अतिपिछड़ी जातियों को नुक़सान झेलना पड़ रहा है।

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अतिपिछड़ा का 33% आरक्षण हमारा वाजिब हक है

बिहार में अतिपिछड़ा समाज की जनसंख्या 35% से अधिक है, लेकिन आरक्षण सिर्फ़ 18% ही मिलता है। हमारी माँग है कि “जितनी संख्या है हमारी, चाहिए उतनी ही हिस्सेदारी” के तर्ज पर अतिपिछड़ा समाज के 18% आरक्षण को और 15% बढ़ाकर 33% करना चाहिए। साथ ही समाज के हर वर्ग तक लाभ सुनिश्चित करने के लिए 33% आरक्षण में भी अंदरूनी बँटवारा करना आज की समय की माँग है। बिहार सरकार को तमिलनाडु एवं छत्तीसगढ़ में लागू 69% आरक्षण के तर्ज पर बिहार में आरक्षण बढ़ाना चाहिए। अतिपिछड़ा का 33% आरक्षण हमारा वाजिब हक है। अतिपिछड़ा समाज के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के बिना बिहार के सम्पूर्ण विकास की परिकल्पना नहीं की जा सकती है।

कर्पूरी ठाकुर के पुण्यतिथि पर अतिपिछडा आरक्षण बढाने की मांग
कर्पूरी ठाकुर के पुण्यतिथि पर अतिपिछडा आरक्षण बढाने की मांग

पार्टी का मुख्य उदेश्य अतिपिछड़ा समाज के आरक्षण को 18% से बढ़ाकर 33% करना

एक अतिपिछड़ा का बेटा होने के वजह से मैं दर्द समझता हूँ। मैं और मेरी पार्टी अतिपिछड़ा के हक़ एवं अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्घ हैं। राजनैतिक तौर पर मेरी पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव, 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव एवं 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 33% से अधिक उम्मीदवार अतिपिछड़ा समाज से दिया है और आगे भी हर चुनाव में देगी। मेरी पार्टी का मुख्य उदेश्य निषाद समाज को SC/ST का आरक्षण दिलाना, अतिपिछड़ा समाज के आरक्षण को 18% से बढ़ाकर 33% करना, सामाजिक न्याय के लिए जातिगत जनगणना कराना एवं बिहार का सम्पूर्ण विकास करना है।

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अतिपिछड़े भाइयों एवं बहनों से आह्वान

राज्य के सभी अतिपिछड़े भाइयों एवं बहनों से मेरा आह्वान है की अपने अधिकार के इस लड़ाई में ज़रूर सम्मलित हो। यह लड़ाई सिर्फ मेरी नहीं है, यह लड़ाई आपकी है, हर एक अतिपिछड़ा की है। मुझे पूरा भरोसा है की अपने वाजिब हक एवं अधिकार के इस लड़ाई में हम सब जरुर सफल होंगे।

उक्त खुला पत्र VIP पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार में मंत्री मुकेश सहनी ने “जितनी संख्या है हमारी, चाहिए उतनी ही हिस्सेदारी” शीर्षक के साथ अतिपिछड़ा समाज के नाम लिखा है