Bank Privatisation
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Bank Privatisation: एक्शन मोड में सरकार; 2 बड़े सरकारी बैंक बेचने तैयारी पूरी ! इनमें आपका अकाउंट तो नहीं?

Bank Privatisation: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 का बजट पेश करते हुए इस साल सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण की मंशा जताई थी। अब मोदी सरकार (Modi Govt) इस दिशा में आगे बढ़ते हुए दिख रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार एक बार फ‍िर दो बड़े सरकारी बैंकों का प्राइवेटाइजेशन करने की तरफ आगे बढ़ रही है। नीति आयोग निजीकरण के लिए गठित सचिवों के कोर ग्रुप को दो बैंकों के नाम पहले ही सुझा चुका है।

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अब इसी को लेकर अपना रास्‍ता आसान करने की कोश‍िश में है। इसी को ध्‍यान में रखकर अगले महीने शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में बैंक‍िंग कानून संशोधन व‍िधेयक (Banking Laws Amendment Bill) लाने की तैयारी है। इसके आने के बाद बैंकों के न‍िजीकरण का काम तेजी से आगे बढ़ेगा।

 Privatisation की अभी आध‍िकार‍िक घोषणा नहीं

वित्त मंत्री ने फरवरी 2022 में बजट पेश करने के दौरान दो सरकारी बैंकों और एक जनरल इंश्‍योरेंस कंपनी के न‍िजीकरण का प्रस्‍ताव रखा था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार इंड‍ियन ओवरसीज बैंक (IOB) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंड‍िया (Central Bank of India) के प्राइवेटाइजेशन की तरफ आगे बढ़ रही है। हालांक‍ि अभी सरकार की तरफ से इस बारे में आध‍िकार‍िक घोषणा नहीं की गई है।

 

Bank Privatisation के बाद 51 से घटाकर 26 प्रत‍िशत होगी ह‍िस्‍सेदारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार इन दोनों बैंक में अपनी 51 प्रत‍िशत की ह‍िस्‍सेदारी को घटाकर 26 प्रत‍िशत पर लाने पर व‍िचार कर रही है। इस पर तब ही आगे बढ़ जाएगा, जब बैंक‍िंग कानून संशोधन व‍िधेयक पास हो जाए। सूत्रों का कहना है क‍ि सरकार का मकसद सितंबर तक कम से कम एक बैंक का प्राइवेटाइजेशन पूरा करने का है।

एक बीमा कंपनी का भी होगा न‍िजीकरण

लगातार हो रहे विरोध के बावजूद सरकार निजीकरण को लेकर अपना पक्ष साफ कर चुकी है। वित्त मंत्री ने चालू वित्त वर्ष में एक बीमा कंपनी के भी न‍िजीकरण की बात कही थी।