President Election
देश बिहार राजनीती

President Election: बीजेपी ने JDU को दिया तगड़ा झटका, NDA गठबंधन को लेकर कही बड़ी बात !

President Election: राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी ने एनडीए की ओर से ओडिशा की आदिवासी नेता द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। उधर, विपक्ष ने पूर्व वित्तमंत्री और पुराने भाजपाई नेता यशवंत सिन्हा को अपना साझा उम्मीदवार बनाया है। पति चुनाव की सरगर्मी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को झटका दे दिया है। NDA गठबंधन को लेकर बीजेपी नेता और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ऐसी बात कहीं है, जिससे बिहार में सत्तारूढ़ पार्टी JDU को मिर्ची लग सकती है।

यह भी पढ़ें NDA President Candidate: कौन है द्रौपदी मुर्मू ? जो देश का अगला राष्ट्रपति बनने जा रही है !

चिराग पासवान के लिए बीजेपी के दरवाजे अभी भी खुलें हैं

दरअसल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को फोन करके एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के लिए समर्थन मांगा है। राजनाथ ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी भी चाहते हैं कि चिराग पासवान एनडीए में ही रहें। दोनों नेताओं के बीच करीब 15 मिनट तक बात हुई। राजनाथ ने कहा कि आगामी राष्ट्रपति चुनाव में वे मुर्मू को समर्थन दें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यही चाहते हैं। इस पर चिराग ने कहा कि वह मुर्मू को ही वोट करेंगे। मतलब साफ है कि चिराग पासवान के लिए बीजेपी के दरवाजे बंद नहीं हुए हैं।

President Election: चिराग पासवान ने एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का किया समर्थन

चिराग पासवान ने बुधवार सुबह ट्वीट कर लिखा कि एनडीए के द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया जाना हमारे लिए गर्व की बात है। देश में पहली बार होगा जब आदिवासी समाज से आने वाली बेटी देश के सर्वोच्च पद पर बैठेगी। लोजपा (रामविलास) बीजेपी के इस फैसले का पूरा समर्थन करती है। आदिवासी समाज से आने के बावजूद द्रौपदी मुर्मू ने आज जो मुकाम हासिल किया, ये उनकी काबिलियत और संघर्ष का परिणाम है। समाज के वंचित वर्ग से देश के सर्वोच्च पद की दावेदारी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणादायक है।

ऐसे अलग-थलग पड़े चिराग पासवा

बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन के बाद पिछले साल लोजपा दो धड़ों में बंट गई थी। लोजपा की विरासत को लेकर उनके रामविलास के भाई पशुपति पारस और बेटे चिराग के बीच तकरार हो गई। इसके बाद पशुपति पारस ने पार्टी के सांसदों को अपने साथ ले लिया और चिराग अलग-थलग पड़ गए।