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MSME Bihar: शाहनवाज हुसैन ने कर दिया कमाल, पहली बार देश में नंबर-2 पर पहुंचा बिहार

MSME Bihar:बिहार के उद्योग जगत के लिए अच्छी खबर है। एमएसएमई सेक्टर (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) के प्रोत्साहन और विकास के लिए पहली बार बिहार को देश में दूसरा स्थान मिला है। यह जानकारी सोमवर को उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने दी। इस बाबत उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में बिहार में लगभग 36 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए, इसमें ज्यादा एमएसएमई सेक्टर के हैं। 30 जून को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेशनल एमएसएमई अवॉर्ड 2022 से बिहार को सम्मानित करेंगे।

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उन्होंने बताया कि राज्य और संघ शासित प्रदेशों में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) सेक्टर के प्रोत्साहन और विकास के लिए किये गये कार्यों की कैटेगरी में बिहार को नेशनल एमएसएमई अवार्ड मिला है। ओडिशा के बाद बिहार को दूसरा और हरियाणा को तीसरा स्थान प्रातप्त हुआ है।

16 हजार लाभार्थियों का चयन

उद्योग मंत्री ने कहा कि औद्योगिकीकरण की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे बिहार के लिए यह बहुत बड़ा प्रोत्साहन है। बिहार के औद्योगिकीकरण का पूरा दारोमदार एमएसएमई सेक्टर पर है। बिहार में पिछले डेढ़ साल में करीब 36 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं। इनमें से अधिकतर एमएसएमई सेक्टर में हैं। इस अवधि में सूबे में छोटे-बड़े उद्योगों की स्थापना और उद्योगों के विकास के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इस क्रम में मुख्यमंत्री उद्यम योजनाओं के लिए 16 हजार लाभार्थियों का चयन किया गया, जिन्हें 10-10 लाख रुपए दिए गए।

मुख्यमंत्री उद्यम योजनाओं के लिए 16 हजार लाभार्थियों का चयन किया गया, जिन्हें 10-10 लाख रुपए दिए गए।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजनाओं में 4 हजार से ज्यादा इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है। इसमें 20 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिला है। पुराने और नए लाभार्थियों द्वारा उद्यम शुरू करने पर एक लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर होंगे।

बियाडा में एमएसएमई को 25 प्रतिशत आरक्षण

शाहनवाज हुसैन ने बताया कि बिहार में एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए बियाडा द्वारा दी जाने वाली जमीन में 25 प्रतिशत का आरक्षण एमएसएमई के लिए किया गया है। इसके बजट में भी 2019-20 की तुलना में 2021-22 में 171।67 फीसदी की बढ़ोतरी की गयी है।

MSME Bihar: 1 जुलाई, 2020 से बदली परिभाषा

एमएसएमई के परिभाषा बदले से भी आंकड़ों में बढ़ोतरी हुई। पहले एमएसएमई सेक्टर में केवल मैन्यूफैक्चरिंग यूनिटें आती थीं। लेकिन केंद्र ने देश में एमएसएमई की परिभाषा और मानदंडों में संशोधन किया था। नई परिभाषा और मानदंड 1 जुलाई, 2020 से प्रभावी है। अब एमएसएमई के दायरे में सर्विस, रिटेल और ट्रेडिंग सेक्टर को भी जोड़ दिया गया है।