Bihar Politics Update
देश बिहार राजनीती राज्य

Bihar Politics Update: मुख्यमंत्री नीतीश को लगा बड़ा झटका, JDU के 5 विधायक बीजेपी में हुए शामिल, महागठबंधन सरकार…

Bihar Politics Update: बिहार में मचे सियासी घमासान के बीच बीजेपी ने JDU को बड़ा झटका दे दिया है। भाजपा ने नीतीश की पार्टी के पांच विधायकों को तोड़कर अपने खेमे में शामिल कर लिया है। विधानसभा अध्यक्ष ने जेडीयू विधायकों के बीजेपी में विलय को स्वीकार कर लिया है। हालंकि इसके बावजूद बिहार के महागठबंधन सरकार के सेहत पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।

यह भी पढ़ें: AIIMS DARBHANGA: बिहार के दुसरे AIIMS के निर्माण को लेकर आया Good News, प्रथम एवं द्वितीय चरण को लेकर बड़ा अपडेट

चर्चाओं पर लगा विराम

नीतीश कुमार के बिहार में एनडीए से अलग होने के बाद चर्चा थी कि मणिपुर में जेडीयू विधायक एन बिरेन सिंह सरकार से अपना समर्थन वापस ले सकते हैं। अब इन चर्चाओं पर विराम लग गया है. बीजेपी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बिहार का बदला नॉर्थ ईस्ट में ले लिया है। मणिपुर में बीजेपी ने नीतीश की पार्टी के पांच विधायकों को तोड़कर अपने खेमे में शामिल कर लिया है। इससे पहले अरुणाचल प्रदेश में भी जेडीयू के सभी विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे।

पांच विधायकों के बीजेपी में विलय

मणिपुर के विधानसभा अध्यक्ष ने जेडीयू विधायकों के बीजेपी में विलय को स्वीकार कर लिया है। जो विधायक जेडीयू से बीजेपी में गए हैं, उनके नाम केएच जॉयकिशन, एन सनाते, मोहम्मद अछबउद्दीन, ए एम खाउटे और थांगजाम अरुण कुमार हैं। मणिपुर विधानसभा के सचिव के मेघजीत सिंह ने इसको लेकर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष ने संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत जेडीयू के पांच विधायकों के बीजेपी में विलय को स्वीकार किया है।

बता दें कि मणिपुर में इसी साल विधानसभा चुनाव हुए थे। 60 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी ने 32 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था। चुनाव में जेडीयू ने 38 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे. जिनमें से केवल छह सीटों पर प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी और लगभग 10 फीसदी वोट हासिल कर सभी को चौंका दिया था। पिछले महीने ही चुनाव आयोग ने मणिपुर में जेडीयू को राज्य स्तरीय पार्टी का दर्जा दिया था। हालांकि, यहां जेडीयू के कुछ विधायक बीजेपी के ही बागी थे।

Bihar Politics Update: जेडीयू ने बीजेपी को याद दिलाया था गठबंधन धर्म

इससे पहले 2020 में अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू के सात में छह विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे। उनमें से जो एक MLA बचा था वो भी बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद बीते 24 अगस्त को बीजेपी में आ गया। जब बिहार में जेडीयू ने बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़ा, तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने अरुणाचल प्रदेश का हवाला दिया था। बीजेपी द्वारा लगाए गए धोखा के आरोप पर उन्होंने कहा था कि अरुणाचल में जेडीयू विधायकों को तोड़ना कौन सा गठबंधन धर्म था। गठबंधन में कौन ऐसे करता है। वाजपेयी-आडवाणी युग में गठबंधन की एक पार्टी दूसरी पार्टी के विधायक को शामिल नहीं कराती थी लेकिन अब ये सहयोगियों को ही खत्म करने में लगे हुए हैं।

नीतीश की नजर विपक्ष के पीएम उम्मीदवारी पर

बता दें कि पिछले महीने ही नीतीश कुमार ने बिहार में एनडीए से नाता तोड़कर महागठबंधन के साथ सरकार बना ली। नीतीश कुमार बीजेपी से अलग होकर आरजेडी-कांग्रेस और अन्य दलों के समर्थन से 8वीं बार मुख्यमंत्री क शपथ ले चुके हैं। अब उनकी नजर 2024 के लोकसभा चुनाव पर टिकी है। वे देशभर में बीजेपी विरोधी दलों को एकजुट करने में लगे हैं। चर्चा है कि नीतीश कुमार खुद को विपक्ष का पीएम कैंडिडेट घोषित करवाने की जुगत में हैं।