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सरकारी स्कूल: बच्चों के अभिभावकों के सामने झुकी सरकार, शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया वापस

एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां शिक्षा विभाग को बच्चों के माता-पिता के सामने झुकना पड़ा है और अपना एक बड़ा फैसला वापस लेना पड़ा है, जिसकी काफी आलोचना बच्चों के अभिभावकों द्वारा हो रही थी। दरअसल शिक्षा विभाग ने 14 सरकारी स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम में बदलने का फैसला लिया था। लेकिन बच्चों के अभिभावकों द्वारा इस फैसले की काफी निंदा हो रही थी, जिसके बाद शिक्षा विभाग में अपना यह फैसला वापस ले लिया है।

मिली जानकारी के अनुसार मामला राजस्थान का है, जहां सीएम अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर के 11 स्कूलों को हिंदी से अंग्रेजी करने के आदेश निरस्त किए गए हैं । शिक्षा विभाग जहां-जहां इनका विरोध हो रहा है वहां-वहां इन्हें निरस्त कर रही है। अभी इनकी संख्या और बढ़ने की संभावना है।

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शिक्षा विभाग ने हाल ही में एक आदेश जारी करके जोधपुर जिले के 11, जयपुर जिले के 1, अजमेर जिले के केकड़ी का 1 और बीकानेर जिले के 1 स्कूल को हिंदी से अंग्रेजी मीडियम करने के आदेश को निरस्त कर दिया है. यहां स्कूलों को हिन्दी से अंग्रेजी मीडियम किए जाने का स्थानीय जनता लगातार विरोध कर ही थी. भारी विरोध को देखते हुए शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है.

वही विरोध के कारण शिक्षा विभाग स्थानीय विधायकों से राय मशविरा करने के बाद मीडियम बदलने के आदेश निरस्त कर रही है. हाल ही में गहलोत सरकार ने राजस्थान में 2 हजार की आबादी वाले गांवों और कस्बों के स्कूलों को हिंदी से अंग्रेजी मीडियम में परिवर्तित करने का फैसला लिया था. इस फैसले का कई इलाकों में स्वागत हुआ तो कई इलाकों में भारी जनविरोध देखने को मिला. इस बारे में शिक्षा मंत्री डॉ. बी डी कल्ला का कहना है कि हमने जनभावनाओं को देखते हुये अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले थे. लेकिन जनता को ये स्वीकार नहीं है वहां हम उनकी मंशा के अनुरुप बदलाव कर रहे हैं.