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NEET की परीक्षा में बाप-बेटे ने रचा इतिहास, हासिल की ये रैंक

हर पिता का सपना होता है कि उसका बेटा उससे भी आगे निकले। बड़ा आदमी बने। ऐसा ही एक सपना उत्तर प्रदेश के रहने वाले अवधेश कटियार का भी पूरा हुआ है। डॉ. अवधेश ने एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए 1991 में यूपीसीपीएमटी की परीक्षा दी थी। तब उनकी प्रदेश में 400वीं रैंक थी। झांसी से एमबीबीएस की पढ़ाई की। अब 28 साल बाद बेटे मधुर ने पूरे देश में 443वीं रैंक हासिल कर पिता का नाम रोशन कर दिया।

बता दें, मधुर की ओबीसी कैटैगिरी में 93वीं रैंक है। पिता डॉ. अवधेश अकबरपुर के जिला चिकित्सालय में फिजिशियन के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं और मां नीलम कटियार गृहिणी हैं। छोटी बहन गौरी अभी 11वीं में है और साथ में मेडिकल की तैयारी भी कर रही है। बड़े पापा जीसी कटियार उप कृषि निदेशक पद पर झांसी में तैनात हैं। मधुर अपने परिवार संग यहां विनायकपुर में रहते हैं

वही पिता अवधेश ने अपने बेटे की सफलता के बारे में बात करते हुए कहा कि उनके बेटे को बचपन से ही डॉक्टर बनने का शौक था। इसलिए वह हमेशा से अपनी पढ़ाई को लेकर सीरियस से रहा था। उसे कभी भी पढ़ाई के लिए बोलना नहीं पड़ता था। उसने दिन भर में 10 से 12 घंटे पढ़ाई की है।फेसबुक पर आज तक अकाउंट नहीं बनाया। मोबाइल भी सामान्य ही प्रयोग करते हैं। मधुर बताते हैं कि वह एमबीबीएस की पढ़ाई के साथ गंभीर बीमारियों पर शोध भी करेंगे।