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आजादी के बाद पहली बार बिहार के इस गांव में लगी किसी की सरकारी नौकरी, शिक्षा विभाग..

बिहार में अभी भी कुछ गांव ऐसे हैं, जिसे पिछड़ा कहा जाता है, जहां अच्छी खासी आबादी है। लोग थोड़े बहुत पढ़े-लिखे हैं लेकिन फिर भी वहां पर सारी सुख सुविधाएं मौजूद नहीं है। बिहार का एक ऐसा ही गांव है, जहां अब तक किसी भी व्यक्ति की आजादी के बाद सरकारी नौकरी नहीं लगी थी।

हालांकि, अब राकेश कुमार नाम के एक युवक ने इस कलंक को धो दिया है और वह सरकारी शिक्षक बन गए हैं, जिसके बाद पूरे गांव में खुशी की लहर उठी है। राकेश मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड के शिवदासपुर पंचायत के सोहागपुर गांव के रहने वाले हैं। राकेश अब सरकारी शिक्षक बन गए हैं और जब यह खबर गांव में पहुंची तो लोग खुशी से झूम गए।

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बता दे इस गांव में तकरीबन 3000 लोग रहते है, लेकिन अब तक किसी भी व्यक्ति की सरकारी नौकरी नहीं लगी थी। लेकिन गांव के राम लाल चौधरी के पुत्र राकेश कुमार ने अपनी सच्ची लगन और मेहनत के बदौलत मुकाम को हासिल कर दिखाया। राकेश के पिता एक किराना व्यवसाई थे जो गांव में किराना का दुकान चलाकर अपने बच्चे को पढ़ाया लिखाया था।

वही राकेश ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव से की। इसके बाद उन्होंने दरभंगा यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले लिया और वहीं से बीएड की पढ़ाई की। इसके बाद बिहार में शिक्षक पात्रता परीक्षा हुई और उसमें वह सफलता हासिल कर अपने मुकाम तक पहुंच गया। राकेश की सफलता से उनका पूरा गांव काफी खुश है और उनकी काफी तारीफ भी हो रही है कि आजादी के बाद पहली बार गांव में किसी को सरकारी नौकरी लगी है।