Khabarilaal News Desk :

अयोध्या। श्रीराम मंदिर के दानपात्र से कथित धनराशि चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने नया मोड़ ले लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने रिपोर्ट तलब की है। सूत्रों के अनुसार, पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी मांगी गई है और जांच की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है।

नृपेंद्र मिश्र ने की समीक्षा बैठक

मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य एवं मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष Nripendra Misra अयोध्या पहुंचे। उन्होंने ट्रस्ट पदाधिकारियों के साथ लंबी बैठक कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

आंतरिक ऑडिट में सामने आईं अनियमितताएं

सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट के आंतरिक ऑडिट के दौरान कुछ वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां कई कर्मचारियों से पूछताछ कर रही हैं। कुछ नकदी बरामद होने की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पूर्व लेखाधिकारी ने लगाए गंभीर आरोप

मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब पूर्व लेखाधिकारी महिपाल सिंह ने कथित रूप से कई सनसनीखेज आरोप लगाए। उनके अनुसार वर्ष 2022 के आसपास दान राशि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही थी। उन्होंने दावा किया कि शिकायत करने के बाद उन्हें नौकरी से हटा दिया गया और संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी डिलीट कर दी गई थी।

अखिलेश यादव ने उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों की पहचान सार्वजनिक की जानी चाहिए।

ट्रस्ट ने कार्रवाई का दिया भरोसा

ट्रस्ट सूत्रों का कहना है कि दानपात्र और वित्तीय प्रबंधन व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जा रही है। यदि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

श्रद्धालुओं की निगाहें जांच रिपोर्ट पर

घटना के बाद देशभर के श्रद्धालुओं और सनातन समाज में चिंता का माहौल है। अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और ट्रस्ट की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

DESK REPORTER – CHANDAN KUMAR

Link Copied to Clipboard!

Comments (0)

7 + 7 = ?
No comments yet. Be the first to share your thoughts!