Khabarilaal News Desk :
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान शिक्षा सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की मौजूदगी ने माहौल को और गर्म कर दिया। यह प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर किया गया था।
जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन
CJP द्वारा आयोजित इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाई।
सोनम वांगचुक ने क्या कहा?
सोनम वांगचुक ने मंच से कहा कि उन्हें विरोध-प्रदर्शन पसंद नहीं हैं, लेकिन जब न्याय की मांगों को अनसुना किया जाता है तो लोगों को आवाज उठानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी सुधार की जरूरत है और छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार पेपर लीक होना गंभीर चिंता का विषय है और इसके लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है।
छात्रों की मांग—बने शिक्षा मंत्री?
प्रदर्शन के दौरान मौजूद कुछ छात्रों ने सोनम वांगचुक से शिक्षा मंत्री बनने की अपील भी की। हालांकि, उन्होंने किसी भी राजनीतिक भूमिका में आने की संभावना को साफ तौर पर खारिज कर दिया।
साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि नीति निर्माताओं और अधिकारियों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाया जाना चाहिए, ताकि वे व्यवस्था को बेहतर तरीके से समझ सकें।
CJP संस्थापक का बयान
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज को नजरअंदाज कर रही है और सोशल मीडिया एक्टिविटी को दबाने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन सिर्फ शुरुआत है और अगर मांगें नहीं मानी गईं तो इसे देशव्यापी बनाया जाएगा।
आगे की रणनीति
आयोजकों ने संकेत दिया कि आने वाले हफ्तों में यह आंदोलन और तेज किया जाएगा और देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किए जाएंगे।
निष्कर्ष एवं अवलोकन
सोनम वांगचुक की मौजूदगी ने इस आंदोलन को नई चर्चा दे दी है, लेकिन उन्होंने राजनीति में आने की किसी भी संभावना को फिलहाल स्पष्ट रूप से नकार दिया है।
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