INDIA POLITICAL NEWS – टीएमसी में बगावत के दावों पर महुआ मोइत्रा का जवाब, बोलीं- 19 सांसद नहीं तो टूट नहीं
Khabarilaal News Desk :
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बढ़ती असंतोष की खबरों के बीच पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा ने बागी सांसदों के दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में अलग गुट की मान्यता के लिए आवश्यक संख्या उनके पास नहीं है और पार्टी टूटने की अटकलें निराधार हैं।
महुआ मोइत्रा का दावा – ‘19 का मैजिक नंबर नहीं’
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकसभा में अलग गुट बनाने के लिए 19 सांसदों का समर्थन आवश्यक है, जबकि बागी गुट के पास यह संख्या नहीं है।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि बागियों के पास “मैजिक नंबर 19” नहीं है और इसलिए पार्टी टूटने की संभावना नहीं है।
बीजेपी पर लगाया टीएमसी तोड़ने का आरोप
महुआ मोइत्रा ने भाजपा सांसद और आंध्र प्रदेश के नेता सीएम रमेश पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार टीएमसी को कमजोर करने और पार्टी में टूट पैदा करने की कोशिश कर रही है।
महुआ के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
भूपेंद्र यादव के आवास पर हुई थी बैठक
सूत्रों के अनुसार हाल ही में केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल भाजपा प्रभारी भूपेंद्र यादव के आवास पर टीएमसी के कई असंतुष्ट सांसदों की बैठक हुई थी।
बताया जा रहा है कि इस बैठक में टीएमसी के एक दर्जन से अधिक सांसद शामिल हुए थे। बैठक में पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दिया।
बागी गुट का दावा – 20 सांसदों का समर्थन
जहां महुआ मोइत्रा और ममता बनर्जी समर्थक खेमे का दावा है कि बागियों के पास पर्याप्त संख्या नहीं है, वहीं बागी गुट का कहना है कि उन्हें 20 सांसदों का समर्थन प्राप्त है और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
सूत्रों के मुताबिक बागी गुट की ओर से लोकसभा अध्यक्ष को अलग संसदीय समूह के रूप में मान्यता देने के लिए पत्र भी भेजा गया है।
एनडीए को समर्थन देने का दावा
टीएमसी सांसद शर्मिला सरकार ने दावा किया है कि अलग गुट एनडीए को समर्थन देगा और आगामी समय में गठबंधन के साथ मिलकर काम करेगा।
वहीं बागी खेमे ने सांसद काकोली घोष दस्तीदार को अपना नेता चुने जाने की भी जानकारी दी है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक टीएमसी नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
लोकसभा चुनाव के बाद टीएमसी के भीतर उभरे असंतोष ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बागी गुट वास्तव में कितनी संख्या जुटा पाता है और लोकसभा अध्यक्ष की ओर से इस मामले में क्या फैसला लिया जाता है।
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