Khabarilaal News Desk :

टेट (TET) अनिवार्यता और इससे जुड़े न्यायालय के फैसलों को लेकर शिक्षकों में गहरा असंतोष और आक्रोश देखने को मिल रहा है। शिक्षकों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया तो देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

शिक्षकों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों पर साधा निशाना

पिंडरा में शिक्षकों को संबोधित करते हुए जिला मंत्री डॉ. शैलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि टेट अनिवार्यता को लेकर आए न्यायालय के फैसलों, रिव्यू पिटीशनों में एकतरफा निर्णयों और सरकार की निष्क्रियता ने लाखों शिक्षकों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार, राज्य सरकार और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी शिक्षकों में भारी नाराजगी पैदा कर रही है।

जुलाई में तालाबंदी और विरोध की चेतावनी

डॉ. सिंह ने कहा कि यदि सरकार शिक्षकों के हित में कोई प्रभावी अध्यादेश नहीं लाती, अनुभव को जोड़कर कटऑफ में राहत नहीं देती और वर्ष में दो बार विभागीय टेट परीक्षा आयोजित करने का विकल्प नहीं देती, तो शिक्षक समुदाय जुलाई माह में विद्यालयों में सामूहिक तालाबंदी और गैर-शैक्षणिक कार्यों का विरोध करेगा।

"जनप्रतिनिधि जवाब दो" अभियान चलाने की तैयारी

उन्होंने बताया कि शिक्षक संगठन जल्द ही देशव्यापी "जनप्रतिनिधि जवाब दो अभियान" शुरू करेगा। इस अभियान के माध्यम से सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों से टेट अनिवार्यता और शिक्षक हितों पर उनकी स्पष्ट राय मांगी जाएगी।

2017 के संशोधन पर उठाए सवाल

डॉ. शैलेन्द्र विक्रम सिंह ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 में आरटीई (RTE) कानून में किए गए संशोधन को बिना व्यापक प्रचार-प्रसार के लागू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस बदलाव की जानकारी शिक्षकों तक सही तरीके से नहीं पहुंचाई गई, जबकि इसके लिए बजट का भी प्रावधान था।

राजनीतिक असर की भी दी चेतावनी

उन्होंने कहा कि यदि सरकार और जनप्रतिनिधि शिक्षकों के जीवन और भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी नहीं तोड़ते, तो शिक्षक समुदाय और उनके परिवार आगामी समय में राजनीतिक स्तर पर भी बड़ा निर्णय लेने पर विचार कर सकते हैं।

शिक्षकों में बढ़ रहा असंतोष

शिक्षक संगठनों का मानना है कि वर्तमान स्थिति केवल शिक्षकों के रोजगार और सेवा सुरक्षा का ही नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था का भी गंभीर प्रश्न बन चुकी है। ऐसे में सरकार को शीघ्र हस्तक्षेप कर समाधान निकालना चाहिए।

DESK REPORTER – CHANDAN KUMAR

Link Copied to Clipboard!

Comments (0)

8 + 3 = ?
No comments yet. Be the first to share your thoughts!