Khabarilaal News Desk :
वाराणसी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के ऐतिहासिक बिरला छात्रावास की बाउंड्री वॉल की ऊंचाई बढ़ाने के प्रस्ताव को लेकर छात्रों में असंतोष बढ़ गया है। सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र और छात्र नेता केंद्रीय कार्यालय के समीप एकत्र हुए और विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग को लेकर कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
छात्रों ने जताई आपत्ति
छात्रों का आरोप है कि वर्तमान में लगभग तीन फीट ऊंची पारंपरिक दीवार को हटाकर करीब नौ फीट ऊंची दीवार बनाई जा रही है, जिससे छात्रावास का ऐतिहासिक और स्थापत्य स्वरूप प्रभावित होगा।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि बिरला छात्रावास केवल आवासीय परिसर नहीं बल्कि विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
खुला और आकर्षक स्वरूप प्रभावित होने की आशंका
छात्रों ने कहा कि यदि दीवार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है तो छात्रावास का खुला और आकर्षक स्वरूप समाप्त हो जाएगा। इसे विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक धरोहर के साथ अनावश्यक हस्तक्षेप बताया गया।
निर्माण कार्य पर रोक की मांग
ज्ञापन के माध्यम से छात्रों ने मांग की कि किसी भी निर्माण कार्य से पहले छात्र समुदाय, पूर्व छात्रों और विशेषज्ञों की राय ली जाए, ताकि विश्वविद्यालय की पहचान सुरक्षित रह सके।
प्रशासन और छात्र आमने-सामने
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर छात्र और विश्वविद्यालय प्रशासन आमने-सामने नजर आ रहे हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले निर्णय पर टिकी हैं।
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