Khabarilaal News Desk
वाराणसी/जौनपुर। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) वाराणसी ने बहुचर्चित खाद्यान्न घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कोटेदारों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय वाराणसी में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
2004-05 की योजना में हुआ था कथित घोटाला
जानकारी के अनुसार वर्ष 2004-05 में जनपद जौनपुर के विकासखंड मछलीशहर में केंद्र एवं राज्य सरकार की सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत नाली निर्माण, संपर्क मार्ग निर्माण और मिट्टी भराई जैसे विकास कार्य कराए जाने थे।
योजना के अंतर्गत कार्यरत मजदूरों को मजदूरी के बदले खाद्यान्न (चावल) वितरित किया जाना था। आरोप है कि तत्कालीन बीडीओ, कार्य प्रभारी एवं कोटेदारों ने आपसी मिलीभगत कर खाद्यान्न वितरण में वित्तीय अनियमितता की और सरकारी खाद्यान्न का वितरण किए बिना उसका गबन कर लिया।
2019 में दर्ज हुआ था मुकदमा
मामले की गंभीरता को देखते हुए वर्ष 2019 में थाना EOW वाराणसी में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद EOW की टीम ने 12 जून 2026 को जौनपुर जिले के सरपतहा थाना क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में शामिल हैं—
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मोहम्मद अहमद पुत्र करीमुल्ला खान, निवासी ग्राम हमजापुर, जौनपुर
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लालबहादुर मौर्य पुत्र तेजबहादुर मौर्य, निवासी ग्राम शाहगंज, जौनपुर
6.29 लाख रुपये के गबन का आरोप
जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर कूटरचित अभिलेख तैयार किए और धोखाधड़ी के माध्यम से 6 लाख 29 हजार 83 रुपये के शासकीय धन का गबन किया।
EOW की टीम ने की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक EOW वाराणसी प्रदीप कुमार के निर्देशन में गठित टीम ने यह कार्रवाई की। टीम में निरीक्षक रविंद्र प्रताप यादव, करुणेश सिंह, जय प्रकाश मिश्रा तथा मुख्य आरक्षी प्रिंस तिवारी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
अन्य आरोपियों की भी जांच जारी
EOW अधिकारियों के अनुसार मामले में अन्य आरोपितों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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