Khabarilaal News Desk :
वाराणसी में जिला प्रशासन वाराणसी, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम तथा जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की पहल पर आयोजित “काशी वंदन” सांस्कृतिक कार्यक्रम में सोमवार को शास्त्रीय संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
राधा कुमारी की प्रस्तुति ने जीता दिल
कार्यक्रम में वाराणसी की युवा गायिका सुश्री राधा कुमारी ने अपनी सुमधुर आवाज और उत्कृष्ट गायन से उपस्थित जनसमूह का दिल जीत लिया।
उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ तीनताल में निबद्ध राग यमन की बंदिश “नीर भरन नहीं देत” से किया, जिसके बाद उसी राग में आकर्षक तराना प्रस्तुत कर शास्त्रीय संगीत की गहराई और सौंदर्य का परिचय दिया।
भक्ति और सांस्कृतिक रंगों से सजा मंच
इसके बाद उन्होंने रामभक्ति से ओतप्रोत भजन “मेरो मन राम ही राम रटै” प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
वहीं माँ गंगा को समर्पित भोजपुरी भजन “धन्य-धन्य महिमा तोहार गंगा मईया हो” ने काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को जीवंत कर दिया।
भावनाओं से भरा अंतिम चरण
कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रस्तुत भजन “कन्हैया याद है क्या, कुछ भी हूँ...” ने श्रोताओं को भावनाओं के सागर में डुबो दिया। उनकी प्रस्तुति में भाव, सुर और लय का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे सभागार देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
सफल संचालन और सराहना
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन तरुण कुमार सिंह ने किया, जबकि संयोजन अंशुमान महाराज ने किया। उपस्थित श्रोताओं ने प्रस्तुति की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे काशी की समृद्ध सांगीतिक परंपरा का सुंदर उदाहरण बताया।
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