Khabarilaal news desk
वाराणसी। ट्रक चालकों से इंट्री फीस के नाम पर अवैध वसूली करने के मामले आरोपित आरटीओ सिपाही को कोर्ट से राहत नहीं मिली।
आलोक श्रीवास्तव, कमलेश यादव व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी बंगाली ने जमानत अर्जी का किया विरोध
विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने नारायणपुर, फेफना, बलिया निवासी आरोपित विपिन कुमार यादव उर्फ पातू चौधरी की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद निरस्त कर दी। अदालत में अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक आलोक श्रीवास्तव, कमलेश यादव व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी बंगाली ने जमानत अर्जी का विरोध किया।
एसटीएफ, लखनऊ को काफी दिनों से विभिन्न जनपदों से मिल रही थी शिकायत
प्रकरण के अनुसार एसटीएफ, लखनऊ को काफी दिनों से विभिन्न जनपदों से आने वाले ओवरलोडिंग/वाणिज्यिक ट्रकों को विभिन्न जनपदों से पास कराने एवं उनके चालकों/मालिकों को डरा धमका कर इन्ट्री फीस के नाम पर अवैध धन वसूली कर राजस्व/परिवहन कर की खुलेआम चोरी/हानि करने वाले गिरोह के सम्बन्ध मे सूचनायें प्राप्त हो रही थी।
मुखबिर की सुचना पर सुसंगठित गिरोह का हुआ था पर्दाफास
इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दिया कि कुछ व्यक्तियों का एक सुसंगठित गिरोह है, जिसमे एक व्यक्ति आरटीओ कार्यालय में सिपाही के पद पर कार्यरत है। वह अपने पद का दुरुपयोग करते हुए क्षेत्र से गुजरने वाले ओवरलोड एवं अवैध वाणिज्यिक वाहनो को रोककर उनके चालको एवं वाहन मालिकों को डरा-धमकाकर इन्ट्री फीस के नाम पर भारी मात्रा में अवैध धन वसूली किया जा रहा है। जिसके बाद पुलिस उस आदमी की तलाश में जुट गई।
आरोपित विपिन कुमार यादव को लखनऊ जनपद के इकाना स्टेडियम के समीप से किया गया था गिरफ्तार
इस बीच पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपित विपिन कुमार यादव को लखनऊ जनपद के इकाना स्टेडियम के समीप से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने साथियों पिंकू उर्फ सुशील सिंह, प्रदीप गुप्ता उर्फ विक्की, आकाश चौधरी, मुनीब जी उर्फ संतोष के साथ मिलकर ट्रकों से इंट्री फीस के नाम पर अवैध वसूली करते थे। जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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