Khabarilaal News Desk :
वेलिंग्टन। इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) द्वारा जारी ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 (Global Peace Index) में दुनिया के सबसे सुरक्षित और शांतिपूर्ण देशों की नई रैंकिंग सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार लगातार 19वीं बार आइसलैंड दुनिया का सबसे सुरक्षित देश बना हुआ है, जबकि रूस को सबसे असुरक्षित देश घोषित किया गया है।
रिपोर्ट में 163 देशों और क्षेत्रों का विश्लेषण किया गया है, जो दुनिया की लगभग 99.7 प्रतिशत आबादी को कवर करते हैं।
दुनिया के 10 सबसे सुरक्षित देश
- आइसलैंड
- न्यूजीलैंड
- स्विट्जरलैंड
- स्लोवेनिया
- आयरलैंड
- ऑस्ट्रिया
- पुर्तगाल
- सिंगापुर
- फिनलैंड
- जापान
आइसलैंड फिर बना नंबर-1
आइसलैंड में अपराध दर बेहद कम है, सामाजिक भरोसा मजबूत है और वहां स्थायी सेना भी नहीं है। यही कारण है कि वह लगातार 19 वर्षों से दुनिया का सबसे शांतिपूर्ण देश बना हुआ है।
इस बार न्यूजीलैंड एक स्थान ऊपर चढ़कर दूसरे स्थान पर पहुंच गया है, जबकि स्विट्जरलैंड तीसरे स्थान पर बना हुआ है।
जापान और सिंगापुर भी टॉप-10 में
एशिया की बात करें तो सिंगापुर आठवें और जापान दसवें स्थान पर हैं। इन देशों को मजबूत कानून व्यवस्था, आर्थिक स्थिरता और कम अपराध दर के कारण उच्च रैंकिंग मिली है।
भारत की रैंकिंग क्या रही?
ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 में भारत को 127वां स्थान मिला है। भारत इस बार भी शीर्ष 100 देशों में जगह नहीं बना सका।
दक्षिण एशिया में भारत के पड़ोसी भूटान को 16वीं रैंक मिली है, जो क्षेत्र का सबसे शांतिपूर्ण देश माना गया है।
वहीं पाकिस्तान 152वें स्थान पर है।
अमेरिका भी भारत से पीछे
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका को 134वीं रैंक मिली है, जो भारत से भी नीचे है। रिपोर्ट में बताया गया कि सामाजिक तनाव, हिंसा और आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों के कारण अमेरिका की रैंकिंग प्रभावित हुई है।
रूस बना सबसे असुरक्षित देश
इस साल की रिपोर्ट में रूस को दुनिया का सबसे कम शांतिपूर्ण देश बताया गया है। रूस को सीरिया और अफगानिस्तान जैसे संघर्षग्रस्त देशों से भी नीचे रखा गया है।
रूस के अलावा सबसे असुरक्षित देशों में शामिल हैं:
- सूडान
- डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो
- यूक्रेन
- इजराइल
युद्ध प्रभावित ईरान को 144वां स्थान मिला है।
दुनिया में लगातार घट रही शांति
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 में वैश्विक शांति का औसत स्तर पिछले वर्ष की तुलना में 0.7 प्रतिशत घटा है।
- 163 देशों में से 99 देशों में शांति का स्तर गिरा।
- केवल 62 देशों में सुधार दर्ज किया गया।
- 119 देश ऐसे हैं जो 2008 की तुलना में आज कम शांतिपूर्ण हो चुके हैं।
यूरोप का दबदबा बरकरार
रिपोर्ट में पश्चिमी और मध्य यूरोप को दुनिया का सबसे शांतिपूर्ण क्षेत्र बताया गया है। जबकि पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका सबसे कम शांतिपूर्ण क्षेत्र बने हुए हैं।
दक्षिण एशिया में भी इस वर्ष शांति स्तर में गिरावट दर्ज की गई, जिसका प्रमुख कारण नेपाल और पाकिस्तान की स्थिति को बताया गया है।
23 मानकों पर तैयार होती है रैंकिंग
ग्लोबल पीस इंडेक्स किसी देश की रैंकिंग तय करने के लिए 23 अलग-अलग मानकों का उपयोग करता है। इनमें मुख्य रूप से:
- सामाजिक सुरक्षा
- आंतरिक और बाहरी संघर्ष
- सैन्यीकरण का स्तर
- अपराध दर
- राजनीतिक स्थिरता
जैसे कारकों को शामिल किया जाता है।
वैश्विक सुरक्षा पर बढ़ती चिंता
रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि दुनिया में सशस्त्र संघर्षों और भू-राजनीतिक तनावों के कारण शांति का स्तर लगातार गिर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में सुरक्षा और स्थिरता वैश्विक राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन सकती है।
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