वाराणसी के शिया समाज ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर के बाद एक सप्ताह के शोक का ऐलान किया है। इस दौरान समाज के लोग अपना दुकान-कारोबार बंद रखेंगे, खुशी के किसी भी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे और मातम मनाएंगे।
📌 क्यों शोक का ऐलान?
मौलाना जफर हुसैनी (इमाम-ए-जुमा) ने कहा कि खामेनेई दुनिया भर के शिया समुदाय के बड़े धर्मगुरु और मार्गदर्शक थे। उनकी मौत से शिया समाज में एक “अपूरणीय क्षति” आई है। इसलिए उन्होंने समुदाय को एक सप्ताह तक शोक प्रकट करने, काले कपड़े पहनने और दुकानें बंद रखने का संदेश दिया।
📌 मातमी आयोजन और योजनाएँ:
▪️ 32 शिया अंजुमनों ने मिलकर सामूहिक मातम और मजलिसों का आयोजन तय किया है।
▪️ शोक के दौरान मस्जिदों और इमामबाड़ों में विशेष दुआएं और नौहा-ख्वानी का आयोजन हो रहा है।
▪️ लोग काले कपड़े पहनकर और दी गई शोक शर्तों का पालन करते हुए भाव-भीनी यादें साझा कर रहे हैं।
📌 दूसरे पहलू:
शहर में सुरक्षा-बलों और खुफिया एजेंसियों ने भी सतर्कता बढ़ा दी है, खासकर मुस्लिम-बहुल इलाकों की निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।