अमेरिका–इसराइल के संयुक्त हमलों की पहली लहर में अली ख़ामेनेई की हत्या ने इस्लामिक गणराज्य ईरान को 1979 के बाद सबसे निर्णायक मोड़ पर ला खड़ा किया है.

इस अभियान में ईरान के वरिष्ठ सैन्य और राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाया गया.

अमेरिका ने दावा किया कि इससे ईरान की सत्ता का ढांचा कमज़ोर हो गया है.

शनिवार शाम तक ख़ामेनेई की मौत की ख़बरें व्यापक रूप से फैल चुकी थीं, जिसके बाद ईरान से ऐसी तस्वीरें सामने आईं जिनकी कुछ दिन पहले तक कल्पना करना भी मुश्किल था.

वीडियो में ईरान के कई शहरों में जश्न और खुशी मनाते लोग भी दिखे. विदेश में बसे ईरानी समाज के बड़े तबकों के बीच से भी ऐसे ही दृश्य देखे गए.

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