Khabarilaal News Desk :
महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 48 घंटे के भीतर 18 लोगों की मौत हो गई है। इस दर्दनाक घटना के बाद राज्यभर में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस तथा राज्य आबकारी विभाग के कुल 22 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
मेथनॉल मिली शराब बनी मौत की वजह
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि शराब में मेथनॉल मिलाया गया था, जिसके कारण यह जहरीली बन गई। उन्होंने कहा कि सस्ती शराब होने के कारण बड़ी संख्या में मजदूर वर्ग के लोगों ने इसका सेवन किया और इसकी चपेट में आ गए।
ठाणे से बरामद हुआ 5,929 किलो मेथनॉल
जांच एजेंसियों ने ठाणे जिले के एक गोदाम से 5,929 किलोग्राम जहरीला मेथनॉल बरामद किया है। आरोप है कि इसी गोदाम से पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे में सक्रिय अवैध शराब कारोबारियों को यह रसायन सप्लाई किया गया था।
8 आरोपी गिरफ्तार, कई और गिरफ्तारी संभव
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पुलिस ने जहरीली शराब बनाने और सप्लाई करने वाले नेटवर्क का पता लगा लिया है। अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आगे भी गिरफ्तारियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह मामला हत्या के समान है और दोषियों के खिलाफ बेहद सख्त धाराओं में कार्रवाई होगी।
पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा संबंधित नगर निगम की ओर से 1 लाख रुपये की अतिरिक्त मदद भी दी जाएगी। स्थानीय विधायक ने भी प्रभावित परिवारों के एक सदस्य को रोजगार दिलाने का प्रयास करने का आश्वासन दिया है।
CID को सौंपी गई जांच
सरकार ने पूरे मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी है। मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी के दौरान यह लापरवाही हुई, उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि राज्य में अवैध शराब का नेटवर्क फिर से सक्रिय हो गया है। उन्होंने सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया।
ओवैसी की पार्टी ने उठाए सवाल
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि मृतकों की वास्तविक संख्या सरकारी आंकड़ों से अधिक हो सकती है। उन्होंने इस पूरे मामले को प्रशासनिक विफलता बताते हुए शराब माफिया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सुप्रिया सुले ने पुलिस कमिश्नर पर कार्रवाई की मांग की
बारामती सांसद और एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले ने पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार को अनिवार्य अवकाश पर भेजने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार पुणे अपराध के मामलों में महाराष्ट्र में पहले और देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
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