Khabarilaal News Desk :

वाराणसी। भारतीय ज्ञान परम्परा, संस्कृत संस्कृति और योग दर्शन के वैश्विक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में 19 से 21 जून 2026 तक तीन दिवसीय योग महोत्सव-2026 का आयोजन किया जाएगा। “ऋषि-परम्परा से विश्व कल्याण तक” विषय पर आधारित यह आयोजन प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से 7 बजे तक विश्वविद्यालय के दीक्षान्त लॉन में आयोजित होगा।

योग केवल व्यायाम नहीं, जीवन का विज्ञान: कुलपति

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की सनातन ऋषि परम्परा, विश्व बन्धुत्व और लोकमंगल की भावना का उत्सव है। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की ऐसी अमूल्य धरोहर है, जो मनुष्य को शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, आत्मिक उन्नति और सामाजिक समरसता प्रदान करती है।

उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया योग की वैज्ञानिकता और उपयोगिता को स्वीकार कर रही है तथा इसे स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार मान रही है।

भारतीय संस्कृति और संस्कारों का संगम बनेगा आयोजन

कुलपति ने बताया कि सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा, योग और ऋषि चिंतन की जीवंत परम्पराओं का संवाहक है। योग महोत्सव के माध्यम से युवा पीढ़ी को भारतीय जीवन मूल्यों, संस्कारों और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, असंतुलित जीवनशैली और मानसिक चुनौतियों के बीच योग सम्पूर्ण मानवता के लिए आशा, स्वास्थ्य और शांति का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।

विशेषज्ञ योगाचार्यों के निर्देशन में होगा अभ्यास

योग विज्ञान पाठ्यक्रम के निदेशक डॉ. दुर्गेश पाठक के संयोजन में आयोजित इस महोत्सव में प्रख्यात योगाचार्य राजकुमार मिश्र और आदित्य कुमार प्रतिभागियों को योगाभ्यास, प्राणायाम, ध्यान और स्वस्थ जीवनशैली का प्रशिक्षण देंगे।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी तथा उनके परिजन भी भाग लेंगे।

समाज तक पहुंचेंगे भारतीय ज्ञान परम्परा के मूल्य

डॉ. दुर्गेश पाठक ने कहा कि योग केवल शारीरिक गतिविधि नहीं बल्कि जीवन को संतुलित, अनुशासित, जागरूक और उद्देश्यपूर्ण बनाने की वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक साधना है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि योग के माध्यम से भारतीय ज्ञान परम्परा के जीवनोपयोगी मूल्यों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया जाए।

नागरिकों से सहभागिता की अपील

विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, शोधार्थियों और काशीवासियों से योग महोत्सव में सहभागिता की अपील की है। प्रशासन का विश्वास है कि यह आयोजन “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” के आदर्श को साकार करते हुए स्वस्थ, जागरूक और संस्कारित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

योग महोत्सव की प्रमुख बातें

  • आयोजन तिथि: 19, 20 और 21 जून 2026
  • समय: प्रातः 6:00 बजे से 7:00 बजे तक
  • स्थान: दीक्षान्त लॉन, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी
  • विषय: ऋषि-परम्परा से विश्व कल्याण तक
  • योगाचार्य: राजकुमार मिश्र एवं आदित्य कुमार
  • सहभागिता: विद्यार्थी, शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी एवं आम नागरिक

BUREAU : CHANDAN KUMAR

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