Khabarilaal News Desk :

Sanam Saeed ने 79वें Cannes Film Festival में अपनी खूबसूरत साड़ी लुक से सबका ध्यान खींचा, लेकिन उनकी तारीफ से ज्यादा सोशल मीडिया पर उनकी साड़ी को लेकर विवाद छिड़ गया। भारतीय और पाकिस्तानी यूजर्स इस बात पर बहस करते नजर आए कि साड़ी किस देश की पारंपरिक पहचान है।

क्या है पूरा विवाद?

सनम सईद जैसे ही कान्स के रेड कार्पेट पर साड़ी पहनकर पहुंचीं, सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें वायरल हो गईं। इसके बाद भारतीय यूजर्स ने साड़ी को भारतीय संस्कृति का प्रतीक बताया, जबकि कई पाकिस्तानी यूजर्स ने दावा किया कि साड़ी और खासतौर पर उसका मुकेश वर्क पाकिस्तान की विरासत का हिस्सा है।

40 कारीगरों ने तैयार की खास साड़ी

सनम ने डिजाइनर Hussain Rehar की एमराल्ड ग्रीन साड़ी पहनी थी, जिस पर 40 कारीगरों ने पारंपरिक मुकेश एम्ब्रॉयडरी की। साड़ी पर गोल्डन मेटैलिक मोटिफ्स और वेवी पैटर्न इसे बेहद रॉयल लुक दे रहे थे।

क्या है मुकेश एम्ब्रॉयडरी?

मुकेश वर्क एक पारंपरिक कढ़ाई तकनीक है, जिसमें कपड़े पर छोटे-छोटे मेटैलिक धागों या फॉइल जैसी चमकदार तारों को हाथ से लगाया जाता है। इसका इतिहास मुगल काल से जुड़ा है और यह भारत के Lucknow और Rajasthan के साथ-साथ Lahore और Karachi में भी लोकप्रिय है।

लुक की हुई तारीफ, लेकिन बहस नहीं थमी

जहां कई फैंस ने सनम के एलिगेंट लुक की तारीफ की, वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने साड़ी क्यों पहनी। जवाब में पाकिस्तानी यूजर्स ने इसे अपनी सांस्कृतिक विरासत बताया। देखते ही देखते यह फैशन चर्चा सांस्कृतिक बहस में बदल गई।

भारत-पाक यूजर्स के बीच क्यों छिड़ी बहस?

भारतीय यूजर्स ने साड़ी को भारतीय संस्कृति का प्रतीक बताया, जबकि पाकिस्तानी यूजर्स ने दावा किया कि यह उनकी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है।

सोशल मीडिया पर आए तीखे रिएक्शन

कमेंट सेक्शन में कई यूजर्स ने सनम के लुक की तारीफ की, जबकि कुछ ने सवाल उठाया कि पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने साड़ी क्यों चुनी।

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