वाराणसी। LPG संकट से पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। इसका असर गरीब और कमजोर तबकों, मध्यवर्ग, आम घरों,रेस्टोरेंट,होटल आदि पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। यह कहना है कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे का।
उन्होंने बताया कि भारत अपनी कुल LPG जरूरतों का करीब 60 प्रतिशत इम्पोर्ट करता है। इसमें भी 90 प्रतिशत इम्पोर्ट Strait of Hormuz ( फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण 33-39 किमी चौड़ा समुद्री मार्ग) के रास्ते होता है। इस लिहाज से मौजूदा हालात घरेलू उपलब्धता और मूल्य स्थिरता दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
देश के करीब हर हिस्सों में इसका असर पड़ रहा है। घरों में लोग परेशान हैं। छोटे-छोटे ढाबे वाले, रेस्टूरेंट, होटल सब पर असर है। कम्यूनिटी किचन से लेकर राम रसोई व काशी में प्राचीन माँ अन्नपूर्णा मंदिर की रसोई तक बंद है। घर ही नहीं MSMEs और दूसरे कमर्शियल यूजर्स को एलपीजी सिलेंडर मिलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे कई जिम्मेदार लोगों ने दावा किया कि LPG की कोई कमी नहीं है और अफवाहों से सावधान रहने की बात कही। लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों को गलत साबित करती है। जब सरकार भारतीय नागरिकों को ईरान में एडवाइजरी जारी कर रही थी कि स्थिति बिगड़ सकती है, तो उसे ये भी साफ करना चाहिए था कि इसका असर महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग और एनर्जी सप्लाई पर भी पड़ सकता है और उस लिहाज से हमें तैयारी करनी थी।
देश में सिलेंडर बुकिंग का वेटिंग पीरियड भी बढ़ा दिया गया, जिसमें शहरों में 25 दिन और गांवों/रिमोट एरिया में 45 दिन हो गया। इस कारण पैनिक बुकिंग शुरू हो गई और जमाखोरी की संभावना बढ़ गई है। जबकि सरकार को पता था कि देश में LPG संकट बढ़ेगा तो सरकार ने कड़े कदम क्यों नहीं उठाए, लोगों को विश्वास में क्यों नहीं लिया। यह संकट सरकार के दयनीय मैनेजमेंट और खराब विदेश नीति की पोल खोलता है।मेरी माँग है कि सरकार इस विषय में तत्काल कड़े कदम उठाए और जनता समेत सभी छोटे व्यापारियों को किफायती दामों पर सिलेंडर उपलब्ध कराए।

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