Khabarilaal News Desk :
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 11वीं वाहिनी, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), वाराणसी द्वारा वृहद पौधारोपण अभियान का आयोजन किया गया। यह अभियान उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन और नेतृत्व में संचालित किया गया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत के निर्माण का संदेश दिया गया।
वाराणसी से लेकर भोपाल तक चला पौधारोपण अभियान
इस विशेष अभियान के तहत वाहिनी मुख्यालय वाराणसी के अलावा साहूपुरी (चंदौली), गोरखपुर, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) तथा भोपाल (मध्य प्रदेश) स्थित क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्रों में भी पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अभियान के दौरान NDRF के बचावकर्मियों ने वाहिनी मुख्यालय, क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्रों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लगभग 1500 फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया।
कार्मिकों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस अभियान में NDRF के अधिकारियों और जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पौधारोपण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का भी संदेश दिया गया।
जलवायु परिवर्तन पर जताई चिंता
इस अवसर पर उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पृथ्वी लगातार विभिन्न प्राकृतिक संकेतों के माध्यम से मानव समाज को चेतावनी दे रही है।
उन्होंने कहा कि बढ़ता समुद्री जलस्तर, भीषण वनाग्नि, अत्यधिक गर्मी, अनियमित वर्षा और तेजी से पिघलते ग्लेशियर जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों के स्पष्ट उदाहरण हैं। ऐसे समय में वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हो गए हैं।
अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान
डीआईजी मनोज कुमार शर्मा ने सभी कार्मिकों और नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देने तथा सतत एवं समावेशी विकास को अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि NDRF का यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है। ऐसे प्रयास न केवल हरित भारत के निर्माण में सहायक होंगे, बल्कि आमजन को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक और प्रेरित करेंगे।
क्या है इस वर्ष की थीम?
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम "प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए" रखी गई है। इस थीम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
हरित भारत की दिशा में एक मजबूत कदम
NDRF का यह पौधारोपण अभियान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक मजबूत संदेश है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सामूहिक प्रयास जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और हरित भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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