Khabarilaal News Desk :
कर्नाटक के कोडागु जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के स्पेशल सेक्रेटरी और वरिष्ठ IPS अधिकारी सुनील अचाया की पत्नी संध्या अचाया की हाथी के हमले में मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा गोनिकोप्पल क्षेत्र के कोनानाकट्टे गांव स्थित एक कॉफी बागान में हुआ, जहां वह निरीक्षण के लिए पहुंची थीं।
कॉफी बागान में अचानक हुआ हमला
जानकारी के मुताबिक, संध्या अचाया शुक्रवार सुबह करीब 8:45 बजे अपनी ननद सपना, दो एस्टेट असिस्टेंट और एक सुपरवाइजर के साथ कॉफी बागान का निरीक्षण कर रही थीं। इसी दौरान कॉफी के घने पौधों के पीछे छिपे एक जंगली हाथी ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
हाथी को देखकर बाकी लोग किसी तरह मौके से भाग निकले, लेकिन संध्या अचाया फिसलकर जमीन पर गिर गईं। इसके बाद हाथी ने उन्हें अपने पैरों से कुचल दिया, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत
घटना के तुरंत बाद संध्या को गोनिकोप्पल स्थित लोपामुद्रा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर फैला दी है।
शादी में शामिल होने आई थीं गांव
बताया जा रहा है कि संध्या अचाया तीन दिन पहले ही अपने पैतृक गांव कोनानाकट्टे एक पारिवारिक शादी में शामिल होने के लिए आई थीं। वह अपनी दोनों बेटियों के साथ बेंगलुरु में रहती थीं।
कौन हैं सुनील अचाया?
सुनील अचाया 1991 बैच के नागालैंड कैडर के IPS अधिकारी हैं। वर्तमान में वे भारत की प्रमुख खुफिया एजेंसी RAW में स्पेशल सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं।
उन्होंने इससे पहले इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। इसके अलावा वह स्विट्जरलैंड के जिनेवा में भारत के कॉन्सल जनरल के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।
परिवार में कौन-कौन?
संध्या अचाया अपने पीछे पति और दो बेटियों को छोड़ गई हैं।
- बड़ी बेटी विदुष इंजीनियर हैं।
- छोटी बेटी अनन्या कानून की पढ़ाई कर रही हैं।
इस हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ नाराजगी
घटना के बाद स्थानीय विधायक ए.एस. पोन्नाना अस्पताल पहुंचे और परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
वहीं ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसे रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि हाथियों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
बढ़ती मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती
कोडागु और आसपास के इलाकों में हाथियों की बढ़ती गतिविधियां लंबे समय से स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। यह हादसा एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर करता है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
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