वाराणसी। ईरान—इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर भारत में देखने को मिल रहा है। सरकार दावे कर रही है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कमी नहीं है,लेकिन धरातल पर समस्या बढ़ती जा रही है। ताजा मामला वाराणसी का है, जहां श्रीपंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के संत भगवान जगन्नाथ का दर्शन कर काशी पहुंचे थे और तीन दिन काशी दर्शन की योजना थी लेकिन गैस सिलेंडर की कमी के कारण अपनी धार्मिक यात्रा पूरी न कर सकें और आज ही लौट गये।
श्रीकाशी अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकरपुरी महराज ने इसकी जानकारी मीडिया को देते हुए बताया कि एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी के कारण जो संतों का जत्था काशी आया था वो आज लौट गया है। ये सभी संत काशी को छोड़ आज हरिद्वार गये हैं। हालांकि यह पूछे जाने पर कि क्या हरिद्वार में व्यवस्था हो जाएगी तो कहा कि वहां हमारे अखाड़े में समुचित व्यवस्था है। हालांकि पहली बार काशी में प्रतिदिन भक्तों में वितरित किये जाने वाले प्रसाद की परंपरा गैस सिलेंडर की कमी के कारण टूट गई। मंदिर में करीब रोजाना 20 हजार से अधिक श्रद्धालू प्रसाद ग्रहण करते थे,लेकिन आज लगभग 4000 लोगों में ही प्रसाद वितरित हो सका और कई श्रद्धालू बिना प्रसाद ग्रहण किये ही वापस गये।
महंत शंकरपुरी महराज ने बताया कि कुछ घंटे पहले जिलाधिकारी से बात हुई है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि सिलेंडर की उपलब्धता करवाएंगे। हांलाकि लगभग 200 संतों का जत्था आज काशी से हरिद्वार की ओर निकल गया,क्योंकि गैस सिलेंडर की उपलब्धता नहीं हो सकी। अब ऐसे में बड़ा सवाल ये खड़ा होता है कि जो दावे किये जा रहे हैं शासन और प्रशासन की ओर से उसकी जमीनी हकीकत क्या है? इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

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