वाराणसी| भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य डॉ. वीणा पाण्डेय ने महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष के रवैये ने उनके महिला विरोधी चरित्र को पूरी तरह उजागर कर दिया है।
विधेयक रुकना करोड़ों महिलाओं के अधिकारों और उनके संघर्ष के साथ अन्याय
डॉ. पाण्डेय ने अपने बयान में कहा कि विपक्ष मंचों पर महिलाओं के सम्मान की बात करता है, लेकिन सदन के भीतर उनकी मानसिकता इसके विपरीत दिखाई देती है। उनके अनुसार यह विधेयक रुकना करोड़ों महिलाओं के अधिकारों और उनके संघर्ष के साथ अन्याय के समान है।
विपक्ष पर परिवारवाद और अवसरवाद की राजनीति करने का आरोप
उन्होंने विपक्ष पर परिवारवाद और अवसरवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये दल नहीं चाहते कि सामान्य परिवारों से आने वाली महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति के बढ़ते कदमों से घबराकर विपक्ष इस तरह के अवरोध पैदा कर रहा है।
हक और हिस्सेदारी की यह लड़ाई अब रुकने वाली नहीं डॉ. वीणा पाण्डेय
डॉ. वीणा पाण्डेय ने यह भी कहा कि महिलाओं के हक और हिस्सेदारी की यह लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है और देश की महिलाएं इसका जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नारी सशक्तिकरण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी राजनीतिक दल नारी शक्ति के उदय में बाधा बनेंगे, उनका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित नहीं रहेगा।
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