वाराणसी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय पलहीपट्टी में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के चतुर्थ दिन सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रतिभागी स्वयंसेवको द्वारा सामूहिक रूप से राष्ट्रीय सेवा योजना का लक्ष्य गीत गाए तथा स्वच्छता ही सेवा है, स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत, मन में रखो एक ही सपना स्वच्छ बनाना है। भारत अपना स्वच्छता अभियान के तहत महाविद्यालय परिसर में साफ सफाई किया गया तत्पश्चात सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियमों संबंधित जागरूकता रैली महाविद्यालय से होकर फतेहपुर,राजापुर, पलहीपट्टी से सिंधोरा रोड पर जाकर दो पहिया वाहन, चार पहिया वाहन चालकों जो बिना हेलमेट सीट बेल्ट के रमेश 25 वर्ष,रामदास 45 वर्ष, सुरेश 35 वर्ष, श्याम सुंदर 38 वर्ष नितेश 20 वर्ष आर्यन 22 वर्ष से बातचीत करते हुए कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन करें ,नशा करके ड्राइविंग ना करें, बच्चों को पीछे बैठाकर सीट बेल्ट लगाए, थकान और नींद में ड्राइविंग ना करें ,दुर्घटना संभावित इलाके में ड्राइविंग ध्यान से करें ,हेलमेट का उपयोग करें।
इस दौरान सरकार द्वारा विभिन्न कानून, जुर्मानों से जागरूक किया गया तत्पश्चात सभी सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने जलपान ग्रहण किया तत्पश्चात द्वितीय सत्र का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर अनंतव्रत पांडे एवं प्राध्यापकगण द्वारा सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इसी क्रम में सरस्वती वंदना और स्वागत गीत अंजलि, पायल,करिश्मा,श्रीयम द्वारा प्रस्तुत किया गया
इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ सुधीर कुमार मानस रहे उन्होने कहा जीवन अनमोल है सड़क सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है सड़क पर आपकी एक छोटी सी लापरवाही से आपका जीवन खतरे में पड़ सकता है ट्रैफिक नियमों का पालन, गति सीमा का ध्यान रखना, लाल बत्ती का ध्यान रखना,जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करना, यातायात के नियमों का पालन करके खुद को और दूसरों को दुर्घटना से बचाना, गाड़ी चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करना आदि विभिन्न नियमों से अवगत कराया।वही उन्होंने कहा कि लापरवाही ही दुर्घटना का कारण बनती है इसलिए सतर्क रहकर ही हम सुरक्षित सफर सुनिश्चित कर सकते हैं।
अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर ए वी पांडे ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा सिर्फ नियम नहीं बल्कि जीने की एक संस्कृति है हर दिन होने वाले हजारों दुर्घटनाओं में कई जान चली जाती हैं जिन्हें थोड़ा सावधानी से बचाया जा सकता है सावधानी हटी दुर्घटना घटी केवल एक नारा नहीं बल्कि हकीकत है सड़क सुरक्षा के प्रति हमें जागरूक होना चाहिए और दूसरों को भी प्रोत्साहित करना चाहिए सड़क सुरक्षा यातायात समाज के विकास का आधार है।

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