Khabarilaal News Desk :
कोविड-19 महामारी के बाद अब दुनिया में एक नए वायरस का डर बढ़ने लगा है। इस वायरस का नाम है हंता वायरस। अटलांटिक महासागर में यात्रा कर रहे एक क्रूज शिप पर इस वायरस के संक्रमण से तीन लोगों की मौत के बाद वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इस पर करीबी नजर बनाए रखी है।
क्रूज शिप से फैला संक्रमण
डच झंडे वाला क्रूज शिप MV Hondius अर्जेंटीना से लगभग 150 यात्रियों को लेकर रवाना हुआ था। यात्रा के दौरान 2 मई को पहला हंता वायरस पॉजिटिव मामला सामने आया।
संक्रमण का पहला शिकार 70 वर्षीय डच नागरिक थे, जिन्हें यात्रा शुरू होने के कुछ समय बाद बुखार, सिरदर्द और दस्त की शिकायत हुई थी। बाद में उनकी जहाज पर ही मौत हो गई।
इसके बाद उनकी पत्नी की दक्षिण अफ्रीका में मौत हो गई, जबकि तीसरी मौत एक जर्मन महिला की बताई गई है।
WHO ने क्या कहा ?
WHO की महामारी निदेशक Maria Van Kerkhove ने कहा कि हंता वायरस न तो कोविड है और न ही फ्लू, बल्कि यह बिल्कुल अलग तरीके से फैलता है।
Tedros Adhanom Ghebreyesus के मुताबिक अब तक 5 पुष्ट और 3 संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें 3 मौतें शामिल हैं। WHO का कहना है कि आगे और मामले सामने आ सकते हैं।
किन देशों तक पहुंचा वायरस?
हंता वायरस से सीधे तौर पर प्रभावित देश:
- Argentina – यहीं से क्रूज यात्रा शुरू हुई
- Saint Helena – संक्रमित यात्री यहां उतरे
- South Africa – संक्रमित यात्रियों को भर्ती किया गया
- Cape Verde – क्वारंटाइन की व्यवस्था
- Netherlands – दो डच नागरिकों की मौत
- United Kingdom – ब्रिटेन से जुड़ा एक मामला
इसके अलावा WHO ने Canada, Germany, United States, Singapore समेत कई देशों को अलर्ट जारी किया है।
कितना खतरनाक है हंता वायरस ?
हंता वायरस दो प्रमुख प्रकार का होता है:
1. ओल्ड वर्ल्ड हंता वायरस
यह मुख्य रूप से Europe और Asia में पाया जाता है और किडनी को प्रभावित करता है। इसकी मृत्यु दर 1% से 15% तक हो सकती है।
2. न्यू वर्ल्ड हंता वायरस
यह मुख्य रूप से Americas में पाया जाता है और हंता वायरस कार्डियोपल्मोनरी सिंड्रोम (HCPS) पैदा करता है। इसमें फेफड़ों में पानी भर जाता है और शरीर में ऑक्सीजन की भारी कमी हो जाती है। इसकी मृत्यु दर 35% से 50% तक बताई गई है।
क्या बन सकता है अगली महामारी ?
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल हंता वायरस व्यक्ति से व्यक्ति में आसानी से नहीं फैलता, इसलिए कोविड जैसी महामारी की आशंका कम है। फिर भी इसकी उच्च मृत्यु दर और तेजी से बिगड़ने वाली स्थिति इसे बेहद खतरनाक बनाती है।
Comments (0)