Khabarilaal News Desk :
Pakistan अब अपनी वायु सुरक्षा मजबूत करने के लिए China से HQ-19 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह डील करीब 12 अरब डॉलर की हो सकती है। हालांकि इस सौदे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इसे चीन-पाकिस्तान रक्षा सहयोग का बड़ा कदम माना जा रहा है।
HQ-9B की नाकामी के बाद नई कोशिश
पाकिस्तान पहले से चीन का HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन हालिया संघर्ष के दौरान यह सिस्टम गंभीर रूप से असफल रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक India ने इसके कई रडार सिस्टम तबाह कर दिए थे, जिसके बाद पाकिस्तान अब और उन्नत सिस्टम की तलाश में है।
J-35A और KJ-500 भी खरीद रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान वायुसेना पहले ही चीन से 40 Shenyang J-35A स्टील्थ फाइटर खरीदने की पुष्टि कर चुकी है। इसके अलावा पाकिस्तान KJ-500 एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट भी खरीदना चाहता है।
ये एयरक्राफ्ट लंबी दूरी से दुश्मन के खतरे पहचानने और “किल चेन” बनाने में मदद करते हैं।
HQ-19 क्या है?
HQ-19 चीन का सबसे एडवांस निर्यात योग्य एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम माना जाता है।
इसकी प्रमुख क्षमताएं:
- 1,000 से 3,000 किमी रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक सकता है
- 200 किमी ऊंचाई तक इंटरसेप्शन क्षमता
- वायुमंडल के बाहर भी लक्ष्य को नष्ट कर सकता है
- हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) रोकने में सक्षम
- ‘Hit-to-Kill’ तकनीक से सीधे टक्कर मारकर लक्ष्य नष्ट करता है
4000 किमी तक देख सकता है रडार
HQ-19 के साथ जुड़ा Type 610A AESA Radar लगभग 4000 किमी तक लक्ष्य पहचानने की क्षमता रखता है। इसका मतलब है कि यह दक्षिण एशिया के बड़े हिस्से पर नजर रख सकता है।
पैसा कहां से आएगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के पास इतने बड़े सौदे के लिए संसाधन सीमित हैं। ऐसे में दो संभावनाएं बताई जा रही हैं:
- चीन खुद इस सिस्टम की तैनाती चाहता हो
- Saudi Arabia वित्तीय मदद कर सकता है
भारत के लिए कितना बड़ा खतरा?
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत ने पहले से स्टैंड-ऑफ हथियारों, BrahMos जैसी सुपरसोनिक मिसाइलों और लंबी दूरी के हथियारों में भारी निवेश किया है।
ऐसे में HQ-19 और J-35 जैसे सिस्टम पाकिस्तान की क्षमता जरूर बढ़ाएंगे, लेकिन वे भारत की सैन्य बढ़त को पूरी तरह चुनौती नहीं दे पाएंगे।
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