वाराणसी:अर्दली बाजार स्थित एलटी कॉलेज परिसर में राजकीय पुस्तकालय के सभागार में रविवार को मिथिला समाज काशी द्वारा भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य और संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. जयशंकर झा (अंग्रेजी विभाग, बीएचयू) एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. अशोक सिंह (पूर्व प्राचार्य, उदय प्रताप महाविद्यालय व वरिष्ठ कवि) द्वारा माता सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया गया।इसके बाद मिथिला की पारंपरिक कुलदेवी भगवती गीत “जय जय भैरवी असुर भयावनी” की प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
साहित्यकारों का हुआ सम्मान
इस अवसर पर संस्था द्वारा कई प्रतिष्ठित साहित्यकारों एवं विद्वानों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:
- प्रो. केशव मिश्रा (इतिहास विभाग, बीएचयू)
- प्रो. शशिकांत द्विवेदी (वैदिक विभाग, बीएचयू)
- कंचन सिंह परिहार (वरिष्ठ कवि एवं गीतकार)
- नेहा झा (युवा साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित कवयित्री)
सभी को प्रशस्ति पत्र एवं बुके देकर सम्मानित किया गया।
बहुभाषीय कवि सम्मेलन ने बांधा समां
सम्मान समारोह के बाद आयोजित बहुभाषीय कवि सम्मेलन में मैथिली, हिंदी और भोजपुरी के कवियों ने अपनी रचनाओं का काव्य पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य रूप से काव्य पाठ करने वाले कवियों में शामिल रहे: डॉ. अशोक सिंह, सूर्य प्रकाश मिश्रा, कंचन सिंह परिहार, रजनीकांत त्रिपाठी, बुद्धदेव तिवारी, संतोष कुमार प्रीत, आनंद कृष्ण मासूम
आयोजन में इनका रहा विशेष योगदान
कार्यक्रम की सफलता में राजीव झा, गिरीश ठाकुर, राकेश झा, नरेंद्र मिश्र और अंजनी मिश्र सहित कई सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।अतिथियों का स्वागत संस्था के अध्यक्ष प्रो. प्रभास कुमार झा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन वरुण कुमार झा (संयुक्त सचिव) द्वारा किया गया।

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