Khabarilaal News Desk :
China की राजधानी Beijing में रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin का भव्य स्वागत करते हुए चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping ने एक बार फिर अमेरिका पर परोक्ष निशाना साधा। दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान China-Russia संबंधों को “अराजकता के बीच शांति की शक्ति” बताया गया।
बीजिंग में पुतिन का भव्य स्वागत
बीजिंग के Great Hall of the People में आयोजित द्विपक्षीय बैठक में शी जिनपिंग और पुतिन ने गर्मजोशी से मुलाकात की। सैन्य सम्मान, बंदूकों की सलामी और दोनों देशों के झंडों के बीच पुतिन का स्वागत एक बड़े राजकीय समारोह जैसा रहा।
बताया जा रहा है कि पिछले 25 वर्षों में राष्ट्रपति रहते हुए यह पुतिन की 25वीं China यात्रा है।
शी जिनपिंग का अमेरिका पर परोक्ष हमला
बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने कहा,
“दुनिया इस समय उथल-पुथल और बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है, जहां एकतरफा वर्चस्ववादी प्रवृत्तियां लगातार बढ़ रही हैं।”
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह बयान सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और अमेरिका की विदेश नीति पर निशाना था।
ईरान युद्ध पर China का बड़ा बयान
ईरान के खिलाफ America-Israel संघर्ष पर बोलते हुए शी जिनपिंग ने कहा कि युद्ध का जल्द खत्म होना जरूरी है ताकि ऊर्जा आपूर्ति, सप्लाई चेन और वैश्विक व्यापार पर पड़ रहे असर को रोका जा सके।
उन्होंने कहा,
“युद्ध को पूरी तरह रोकना जरूरी है, इसमें कोई देरी नहीं होनी चाहिए। दोबारा लड़ाई शुरू होना और भी ज्यादा खतरनाक होगा।”
China-Russia गठजोड़ क्यों मजबूत हो रहा?
पिछले कुछ वर्षों में China और Russia ने व्यापार, सुरक्षा और कूटनीति के क्षेत्र में अपनी साझेदारी तेजी से मजबूत की है। दोनों देश अमेरिका के बढ़ते प्रभाव और पश्चिमी देशों के प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए एक साझा रणनीति पर काम कर रहे हैं।
पुतिन बोले- संबंध अभूतपूर्व स्तर पर
व्लादिमीर पुतिन ने बैठक के दौरान कहा कि China-Russia संबंध अब “अभूतपूर्व ऊंचाई” पर पहुंच चुके हैं और यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थिरता लाने वाले प्रमुख कारकों में से एक हैं।
उन्होंने शी जिनपिंग के साथ अपने निजी संबंधों का भी जिक्र किया और कहा कि दोनों नेता अब तक 40 से ज्यादा बार मिल चुके हैं।
ट्रंप के बाद पुतिन से मुलाकात का संदेश
दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले ही शी जिनपिंग ने Beijing में डोनाल्ड ट्रंप की मेजबानी की थी। ऐसे में ट्रंप और पुतिन दोनों के साथ मुलाकात China की बढ़ती कूटनीतिक ताकत और वैश्विक प्रभाव का संकेत मानी जा रही है।
Comments (0)