Khabarilaal News Desk :
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के उद्यान विभाग द्वारा ‘एक वृक्ष माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने दीक्षांत लॉन के समक्ष आम, जामुन, मोरसरी एवं नीम सहित विभिन्न फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
मातृत्व, प्रकृति और जीवन के प्रति कृतज्ञता का अभियान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि ‘एक वृक्ष माँ के नाम’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि मातृत्व, प्रकृति और जीवन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का सांस्कृतिक संकल्प है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार माँ अपने स्नेह, त्याग और संरक्षण से जीवन को संवारती है, उसी प्रकार वृक्ष भी निस्वार्थ भाव से प्राणवायु, छाया, फल और पर्यावरणीय संतुलन प्रदान कर संपूर्ण सृष्टि का पालन करते हैं।
उन्होंने कहा कि माँ और वृक्ष दोनों ही जीवन के आधार हैं, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माँ के सम्मान में कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए।
भारतीय संस्कृति में वृक्षों का विशेष महत्व
कुलपति ने भारतीय संस्कृति में वृक्षों के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रसिद्ध श्लोक का उल्लेख किया—
"दशकूपसमावापी दशवापीसमो ह्रदः।
दशह्रदसमः पुत्रो दशपुत्रसमो द्रुमः॥"
उन्होंने बताया कि भारतीय परंपरा में एक वृक्ष का महत्व दस पुत्रों के समान माना गया है। यह हमारी संस्कृति में पर्यावरणीय चेतना, संवेदनशीलता और दूरदर्शी सोच का प्रतीक है।
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच वृक्षारोपण जरूरी
प्रो. शर्मा ने कहा कि आज पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में वृक्षारोपण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवता के भविष्य को सुरक्षित करने का सशक्त माध्यम बन गया है।
उन्होंने विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय परिवार से आह्वान किया कि प्रत्येक पौधे को भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु, हरित वातावरण और सुरक्षित जीवन का प्रतीक मानते हुए उसका संरक्षण करें।
पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने ‘एक वृक्ष माँ के नाम’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण एवं संरक्षण का संकल्प लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परिसर को हरित, स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
पौधरोपण कार्यक्रम में चीफ साइंटिस्ट एवं चीफ प्रॉक्टर प्रो. जितेन्द्र कुमार, छात्र कल्याण संकाय प्रमुख प्रो. शैलेश कुमार मिश्र, ज्योतिष विभागाध्यक्ष प्रो. अमित कुमार शुक्ल, जनसम्पर्क अधिकारी शशीन्द्र मिश्र, पण्डित सुनील चौधरी, निजी सचिव प्रभुनाथ यादव, उद्यान अधीक्षक मनीष कुमार चौबे सहित विश्वविद्यालय परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
प्रकृति और मानवता के प्रति जिम्मेदारी का संदेश
कार्यक्रम का समापन प्रकृति, मातृत्व और मानवता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए हुआ। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों, संवेदनशील जीवन-दृष्टि और प्रकृति के साथ आत्मीय संबंध का प्रभावी संदेश देने में सफल रहा।
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