Khabarilaal News Desk :

मॉस्को/कीव। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन ने रूस पर अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक को अंजाम दिया है। रूसी अधिकारियों के अनुसार यूक्रेन ने एक ही रात में 555 ड्रोन दागे, जिनमें से 194 ड्रोन सीधे राजधानी मॉस्को को निशाना बनाने के लिए भेजे गए थे। यह हमला पिछले दो वर्षों में रूस पर किया गया सबसे बड़ा ड्रोन अटैक माना जा रहा है।

हमले के बाद मॉस्को की प्रमुख कपोटन्या ऑयल रिफाइनरी में आग लग गई, जबकि राजधानी के कई एयरपोर्ट्स पर उड़ानों का संचालन भी प्रभावित हुआ।

रूस का दावा – 555 ड्रोन मार गिराए

रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एयर डिफेंस सिस्टम ने यूक्रेन द्वारा दागे गए कुल 555 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। हालांकि कई ड्रोन के मलबे राजधानी और आसपास के इलाकों में गिरे, जिससे संपत्तियों को नुकसान पहुंचा।

रूसी अधिकारियों का कहना है कि यह हमला हाल के महीनों में यूक्रेन द्वारा रूस के खिलाफ चलाए जा रहे लंबी दूरी के ड्रोन अभियान का सबसे बड़ा हिस्सा था।

मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी में लगी आग

हमले के बाद क्रेमलिन से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित कपोटन्या ऑयल रिफाइनरी से घना काला धुआं उठता देखा गया। यह रिफाइनरी मॉस्को क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण ईंधन इकाइयों में शामिल है और राजधानी की ईंधन जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा करती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन लगातार रूस की तेल और ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाकर उसकी आर्थिक क्षमता को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

मॉस्को एयरपोर्ट्स पर उड़ानें प्रभावित

हमले के बाद मॉस्को के चार प्रमुख एयरपोर्ट्स पर कुछ समय के लिए उड़ानों को रोकना पड़ा। सुरक्षा कारणों से कई विमानों का संचालन स्थगित किया गया।

मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव ने बताया कि जुकोवस्की इलाके में एक रिहायशी इमारत पर ड्रोन का हमला हुआ, जबकि कई स्थानों पर ड्रोन का मलबा गिरा। इस घटना में एक महिला घायल हुई है।

जेलेंस्की को मिला पश्चिमी समर्थन

यूक्रेन का यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ महत्वपूर्ण बातचीत की थी।

जेलेंस्की ने दावा किया कि उन्हें पश्चिमी देशों से अतिरिक्त सैन्य और कूटनीतिक समर्थन का भरोसा मिला है, जिससे युद्ध की दिशा बदल सकती है।

तेल ठिकानों पर फोकस क्यों?

यूक्रेन लंबे समय से रूस की तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा ढांचे को निशाना बना रहा है। इसका उद्देश्य रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था को कमजोर करना और उसकी आय के प्रमुख स्रोतों पर दबाव बनाना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक ड्रोन तकनीक के सहारे यूक्रेन अब रूस के अंदर गहराई तक हमले करने में सक्षम हो चुका है, जिससे रूसी सप्लाई लाइन और ऊर्जा नेटवर्क पर असर पड़ रहा है।

पुतिन के लिए बड़ा संदेश

हमले के समय रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मॉस्को से करीब 700 किलोमीटर दूर कजान में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के नेताओं की मेजबानी कर रहे थे। ऐसे में राजधानी के बेहद करीब हुए इस हमले को सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा चुनौतीपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि यूक्रेन अब केवल सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि रूस के रणनीतिक और आर्थिक केंद्रों पर दबाव बढ़ाने की नीति अपना रहा है।

BUREAU : CHANDAN KUMAR

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