Khabarilaal News Desk :

जकार्ता। इंडोनेशिया ने अपनी वायुसेना के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत चीन के J-10CE लड़ाकू विमान खरीदने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। पहले 12 विमानों की खरीद की चर्चा थी, लेकिन अब इंडोनेशिया ने इस संख्या को बढ़ाकर 24 कर दिया है। इसके साथ ही जकार्ता चीन से लंबी दूरी की PL-15E एयर-टू-एयर मिसाइलें भी खरीदेगा।

राफेल के बाद अब J-10CE पर दांव

दिलचस्प बात यह है कि इंडोनेशिया पहले ही फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान खरीद चुका है। मई 2026 में फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन ने इंडोनेशिया को राफेल F4 जेट का पहला बैच सौंपा था।

इसके बावजूद इंडोनेशिया अब चीनी J-10CE को भी अपने बेड़े में शामिल करने जा रहा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि जकार्ता अपनी वायु शक्ति को विविध और अधिक सक्षम बनाना चाहता है।

क्या चीन के प्रचार का पड़ा असर?

रक्षा विश्लेषकों के अनुसार चीन लंबे समय से यह प्रचार करता रहा है कि उसके J-10CE लड़ाकू विमान ने भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान राफेल के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया था। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि कभी नहीं हुई।

इसके बावजूद कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि चीन के लगातार प्रचार अभियान ने कई देशों में J-10CE को लेकर उत्सुकता बढ़ाई है। इंडोनेशिया का यह फैसला भी इसी चर्चा के बीच सामने आया है।

क्यों खास है J-10CE?

J-10CE चीन का आधुनिक मल्टीरोल फाइटर जेट है, जिसे निर्यात के लिए विकसित किया गया है।

प्रमुख विशेषताएं:

  • लंबी दूरी की PL-15E मिसाइलों से लैस
  • आधुनिक AESA रडार
  • मल्टीरोल कॉम्बैट क्षमता
  • हवा से हवा और हवा से जमीन पर हमला करने की क्षमता
  • उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम

इंडोनेशिया ने क्यों चुना दो अलग-अलग फाइटर जेट?

इंडोनेशियाई रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि राफेल और J-10CE दोनों की अपनी-अपनी खूबियां हैं।

रणनीतिक फायदे:

  • राफेल उच्च स्तरीय मल्टीरोल और स्ट्राइक मिशनों के लिए
  • J-10CE कम लागत पर आधुनिक लड़ाकू क्षमता के लिए
  • दोनों विमानों के जरिए अलग-अलग युद्ध परिस्थितियों में बेहतर तैयारी
  • संयुक्त प्रशिक्षण के दौरान एक-दूसरे के खिलाफ अभ्यास की सुविधा

इंडोनेशिया को किससे है सबसे बड़ा खतरा?

इंडोनेशियाई वायुसेना की रणनीति मुख्य रूप से दो संभावित प्रतिद्वंद्वियों को ध्यान में रखकर बनाई जाती है।

प्रमुख सुरक्षा चुनौतियां:

  • सिंगापुर, जो मलक्का जलडमरूमध्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थिति रखता है।
  • ऑस्ट्रेलिया, जिसे इंडोनेशिया का सबसे बड़ा सामरिक प्रतिद्वंद्वी माना जाता है।

ऑस्ट्रेलिया के पास वर्तमान में 72 अत्याधुनिक F-35A स्टील्थ फाइटर जेट हैं, जो इंडोनेशिया के मौजूदा लड़ाकू बेड़े से काफी आगे माने जाते हैं।

ऑस्ट्रेलिया के F-35 का जवाब

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इंडोनेशिया ने राफेल की खरीद मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया के F-35A बेड़े के मुकाबले अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए की थी। अब J-10CE को शामिल करके वह अपनी कुल वायु शक्ति को और मजबूत करना चाहता है।

तेजी से बढ़ रहा है सैन्य आधुनिकीकरण

इंडोनेशिया पिछले कुछ वर्षों से अपनी सैन्य क्षमताओं में बड़े निवेश कर रहा है। दक्षिण चीन सागर, समुद्री सीमाओं और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को देखते हुए जकार्ता अपनी वायुसेना को आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दे रहा है।

BUREAU : CHANDAN KUMAR

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