Khabarilaal News Desk :

महाराष्ट्र के नासिक स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल (CAATS) में पासिंग आउट परेड के बाद अपनी प्रेमिका को हेलीकॉप्टर के सामने प्रपोज करने वाले सेना के कैप्टन भारत भारद्वाज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बहस का विषय बन गया है। इस बीच कई पूर्व सैन्य और पुलिस अधिकारियों ने युवा अधिकारी के समर्थन में खुलकर अपनी राय रखी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सेना ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए कैप्टन से स्पष्टीकरण मांगा है। बताया जा रहा है कि सैन्य उपकरणों के उपयोग और सैन्य परिसर में इस तरह के निजी आयोजन को लेकर कुछ नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई गई है।

सोशल मीडिया पर बंटी राय

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं दो हिस्सों में बंट गईं। कुछ लोगों ने इसे भावनात्मक और यादगार पल बताया, जबकि कुछ ने इसे सैन्य अनुशासन और प्रोटोकॉल के खिलाफ माना।

हालांकि, बड़ी संख्या में लोगों ने कैप्टन के समर्थन में भी अपनी बात रखी और इसे एक निजी तथा मानवीय क्षण बताया।

पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल ने किया समर्थन

सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तस्वीर पर जरूरत से ज्यादा नकारात्मक प्रतिक्रिया दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि कई अवसरों पर सैन्य उपकरण आम जनता के लिए भी प्रदर्शित किए जाते हैं और इस मामले में किसी सुरक्षा उल्लंघन की बात नहीं दिखती। उन्होंने कहा कि युवा अधिकारी अक्सर परिवार और दोस्तों से दूर रहते हैं, इसलिए ऐसे व्यक्तिगत क्षणों को लेकर अनावश्यक विवाद नहीं होना चाहिए।

EX-IPS ने भी जताया समर्थन

पूर्व आईपीएस अधिकारी यशोवर्धन झा आजाद ने भी कैप्टन भारत भारद्वाज के पक्ष में टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पासिंग आउट परेड जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर अपनी जीवनसंगिनी को प्रपोज करना किसी मर्यादा का उल्लंघन नहीं माना जाना चाहिए।

उन्होंने इसे सेना के प्रति गर्व और समर्पण का प्रतीक बताते हुए कहा कि युवा अधिकारियों को ऐसे अवसरों पर कुछ मानवीय स्वतंत्रता भी मिलनी चाहिए।

कैप्टन ने बताया क्यों चुना यही दिन

कैप्टन भारत भारद्वाज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह दिन उनके जीवन का बेहद महत्वपूर्ण दिन था। उन्होंने बताया कि कई वर्षों की मेहनत के बाद वह पायलट और प्रशिक्षक बने हैं और उनकी प्रेमिका पिछले पांच वर्षों से उनके साथ है।

उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि अपनी जीवनसंगिनी को शादी के लिए प्रस्ताव देने के लिए इससे बेहतर दिन कोई नहीं हो सकता था। वह इस दिन को अपने परिवार और मंगेतर दोनों के लिए यादगार बनाना चाहते थे।

सेना की ओर से क्या संकेत?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चूंकि मामला किसी गंभीर अनुशासनहीनता का नहीं माना जा रहा है, इसलिए कैप्टन के खिलाफ किसी बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना कम है। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई है और युवा अधिकारी को सैन्य नियमों एवं आचरण संबंधी दिशा-निर्देशों से अवगत कराने को कहा गया है।

फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां एक पक्ष इसे प्रेम और समर्पण का खूबसूरत उदाहरण मान रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सैन्य मर्यादाओं के दृष्टिकोण से इसे देख रहा है।

DESK REPORTER – CHANDAN KUMAR

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