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वाराणसी -- सनबीम ग्रुप लहरतारा वाराणसी के परिसर में विद्यार्थियों द्वारा लिखित पुस्तक "गंगा-विस्पर्स आफ दि रीवर " का मंगलवार को विमोचन किया गया। इस अवसर पर संकट मोचन मंदिर के महंत प्रोफेसर विश्वम्भर नाथ मिश्र, 39 जीटीसी वाराणसी के ब्रिगेडियर जयदीप चन्दा, कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ सत्यम मोहन, शिक्षाविद संदीप सेठी, सनबीम ग्रुप के चेयरमैन डा. दीपक मधोक, भारती मधोक, अमृता बर्मन एवं सनबीम बोर्ड के सदस्यगण उपस्थित रहे। 

माता सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ हुई कार्यक्रम की शुरुआत

इस कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माता सरस्वती जी के प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर कराया गया। सनबीम शिक्षक समूह सूबे का सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान है, जो अपने नित्य नवीन प्रयोगों और अभिनव प्रयासों के लिए देशभर में जाना जाता है। मंगलवार को सनबीम के विद्यार्थियों द्वारा लिखित पुस्तकों की श्रृंखला में यह पांचवीं पुस्तक का लोकार्पण किया गया। 

पुस्तक का लेखन एवं संकलन सनबीम शिक्षा समूह के होनहार 23 विद्यार्थीयों ने किया है लेखन

शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ-साथ गैर शैक्षणिक, कला एवं कौशल पर जोर देने के लिए मशहूर सनबीम शिक्षक समूह के विद्यार्थियों द्वारा लिखित पांचवी पुस्तक "गंगा- विस्पर्स ऑफ द रिवर" का विमोचन सनबीम लहरतारा परिसर में मंगलवार को किया गया। इस पुस्तक का लेखन एवं संकलन सनबीम शिक्षा समूह के होनहार 23 विद्यार्थी लेखकों ने किया है। जिसका संपादन प्रकाशन स्कॉलास्टिक्स राइटर्स अकादमी द्वारा किया गया। 

गंगा के प्रति हमारे दायित्व पर भी प्रकाश

यह पुस्तक गंगा के इतिहास, भूगोल, जैविक प्रकृति, आध्यात्मिक गुण एवं लोक जीवन के अभिन्न अंग के रूप में चिरविद्यमान रहने पर केंद्रित यह पुस्तक गंगा की गौरव गाथा गाने के अतिरिक्त गंगा के प्रति हमारे दायित्व पर भी प्रकाश डालता है। इस मौके पर सनबीम शिक्षण समूह के अध्यक्ष डॉक्टर दीपक मधोक एवं उपाध्यक्ष भारती मधोक,ने बच्चों को और उनके अभिभावकों को बधाई दिया। 

रचनाधर्मिता की यह भावना और यह प्रक्रिया यूं ही चलती रहनी चाहिए

इस किताब के रूप में बहुत सुंदर उपहार विद्यार्थियों ने अपने शिक्षक, शिक्षिकाओं एवं समाज को दिया है। रचनाधर्मिता की यह भावना और यह प्रक्रिया यूं ही चलती रहनी चाहिए। पूरा सनबीम परिवार उपस्थित सभी गुनी जन के प्रति आभार व्यक्त करता है कि वो आज यहां उपस्थित होकर हमारे प्रयास को सफल बना रहे हैं।पंडित विश्वंभर नाथ मिश्रा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुझे गर्व है कि मैं आज इस पुनीत अवसर पर सनबीम लहरतारा के प्रांगण में उपस्थित हूं। इस किताब के माध्यम से सारे विद्यार्थी गंगा नदी के प्रति हमारी जिम्मेदारी को समझे और बखूबी निभाए यही मेरी शुभकामना है। 

अपनी संस्कृति की जड़ को पकड़े हुए हैं, सनबीम समुह

ब्रिगेडियर जयदीप चंदा ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति की चासनी में डूबे समाज का हिस्सा होने के बावजूद सनबीम शिक्षण संस्थान एवं यहां के बच्चे अपनी संस्कृति की जड़ को पकड़े हुए हैं। यह प्रशंसनीय है। कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ सत्यम मोहन ने कहा कि मुझे खुशी है कि इस किताब के विमोचन बेला में मैं यहां उपस्थित हूं। विद्यार्थियों के लेखन शक्ति ऐसे ही और समृद्ध होती रहे। इस सारगर्भित पुस्तक में विद्यार्थियों ने वैश्विक विरासत पर आधारित बातें लिखी हैं। 

इन प्रमुख लोगों की रही उपस्थिति 

इस कार्यक्रम का शुभारंभ सभी अतिथियों ने तुलसी के पौधे पर गंगाजल अर्पित कर किया। इस अवसर पर लहरतारा के छात्र राघवेंद्र ने गंगाष्टकम का सस्वर पाठ किया। इस अवसर पर सभी लेखक विद्यार्थियों के अभिभावकगण, विद्यालय परिवार के शिक्षक, शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में काशी के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 

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