वाराणसी।आराजीलाइन विकास खंड के हरसोस गांव में किसानों ने भूमि अधिग्रहण के विरोध में रविवार की दोपहर में एक बैठक की। जिसमें अर्बन सिटी, स्पोर्ट्स सिटी और लैंड पूलिंग योजनाओं का विरोध करते हुए प्रभावित गांवों के किसानों ने अपनी उपजाऊ जमीन किसी भी कीमत पर न देने का संकल्प लिया।
किसानों का एक स्वर में कहना है कि यह जमीन ही उनके जीवन-यापन का एकमात्र साधन है वे उसे किसी भी हाल में जाने नहीं देंगे। किसानों के द्वारा आरोप लगाया गया कि विकास परियोजनाओं के नाम पर उनकी सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, जिससे उनके सामने विस्थापन का खतरा उत्पन्न हो गया है। किसानों ने इस प्रक्रिया को अन्यायपूर्ण और उनके हितों के खिलाफ बताया।
बैठक के दौरान किसानों ने नारेबाजी करते हुए चेतावनी दिए कि "जान दे देंगे, मगर जमीन नहीं देंगे।" किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार और प्रशासन ने जबरन जमीन लेने का प्रयास किया तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इस बैठक में सामाजिक समाधान टीम और परिवारों के मूल्यांकन के लिए तैयार किए गए प्रारूप (फॉर्मेट) पर भी विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में सतीश पटेल, राजेश प्रजापति, अश्वनी पटेल, अनिल पटेल, गुलशन पटेल, गुड्डू पटेल, कृष्ण कुमार, प्रदीप पटेल, राजू गुप्ता, गौरी शंकर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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