Khabrilaal News Desk :

उत्तर प्रदेश - के गाजियाबाद जिले में जीडीए के निर्माण कार्य के बीच रंगदारी और कमीशनखोरी का बड़ा मामला सामने आया है। अंकुर विहार इलाके में नाला और सड़क निर्माण करा रहे ठेकेदार कुणाल त्यागी ने स्थानीय सभासद राम निवास त्रिपाठी समेत तीन लोगों पर कमीशन के नाम पर अवैध वसूली मांगने, काम बंद कराने और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

2 प्रतिशत से बढ़ाकर मांगे 2.5 प्रतिशत

राजनगर निवासी ठेकेदार कुणाल त्यागी के मुताबिक उनकी फर्म डीएलएफ अंकुर विहार में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के तहत नाला और सड़क निर्माण का काम कर रही है। आरोप है कि इसी निर्माण कार्य को लेकर सभासद राम निवास त्रिपाठी, मनीष ठाकुर और विनीत माहेश्वरी लगातार कमीशन देने का दबाव बना रहे थे।

ठेकेदार का आरोप है कि पहले 2 प्रतिशत रकम मांगी गई और बाद में इसे बढ़ाकर 2.5 प्रतिशत कर दिया गया।

‘ऊपर तक सेटिंग है’, कहकर दी धमकी

कुणाल त्यागी का कहना है कि जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया तो आरोपियों ने काम रुकवाने और फर्म को ब्लैकलिस्ट कराने की धमकी दी। आरोप है कि सभासद और उसके साथी खुद को प्रशासन और जीडीए में मजबूत पकड़ वाला बताते हुए लगातार दबाव बना रहे थे।ठेकेदार के मुताबिक आरोपियों ने कहा कि उनकी “ऊपर तक सेटिंग” है, इसलिए कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।

फर्जी यूट्यूबरों से वीडियो बनवाने का आरोप

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ फर्जी यूट्यूबरों से वीडियो बनवाकर निर्माण कार्य को घटिया दिखाने की कोशिश की जा रही थी। सोशल मीडिया पर फर्म की छवि खराब कर ब्लैकमेलिंग का दबाव बनाया जा रहा था।कुणाल त्यागी का कहना है कि इस पूरी घटना से साइट पर काम कर रहे मजदूरों में भी डर का माहौल बन गया है।

राजनीतिक रसूख दिखाने का आरोप

पीड़ित ठेकेदार ने आरोप लगाया कि आरोपी खुद को नगरपालिका चेयरमैन रंजीता धामा के पूर्व चेयरमैन पति मनोज धामा का करीबी बताकर दबाव बना रहे थे। उन्होंने कहा कि वह इस मामले की शिकायत लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर और जिलाधिकारी से भी करेंगे।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

ठेकेदार ने पुलिस को कॉल रिकॉर्डिंग, व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं। साथ ही जीडीए कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांच में शामिल करने की मांग की गई है।कार्यवाहक एसीपी अंकुर विहार सिद्धार्थ गौतम के मुताबिक, ठेकेदार की शिकायत के आधार पर सभासद और उसके दो साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

 

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