वाराणसी । राजातालाब थाना क्षेत्र के मेहदीगंज–राजातालाब ओवरब्रिज पर शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसने हर किसी को हैरान कर रख दिया। तेज रफ्तार में चल रही एक ट्रक के पीछे दूसरी ट्रक जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का केबिन पूरी तरह चकनाचूर हो गया और उसके परखच्चे उड़ गए।
बताते चलें कि हादसे की भयावहता को देखकर मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। जिसने भी यह मंजर देखा, उसके मुंह से यही निकला कि इतनी भयानक दुर्घटना में शायद ही कोई बच पाया होगा। लेकिन किस्मत ने साथ दिया और ट्रक चालक व खलासी दोनों इस हादसे में बाल-बाल बच गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चालक सौरभ यादव 25 वर्षीय निवासी अजनई, खागा (जनपद फतेहपुर) अपने खलासी संदीप सिंह यादव 23 वर्ष के साथ बंद ढाला ट्रक लेकर वाराणसी की ओर जा रहे थे। सुबह लगभग 6:30 बजे जैसे ही उनकी ट्रक मेहदीगंज–राजातालाब ओवरब्रिज पर पहुंची, तभी अचानक सामने चल रही ट्रक से उनकी गाड़ी पीछे से जाकर टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि पीछे वाली ट्रक आगे वाली ट्रक में घुस गई।
घटना की सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी कस्बा राजातालाब राजेश कुमार मौर्या अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। उनके साथ हेड कांस्टेबल सुरेंद्र सोनकर और दिलीप कुमार वर्मा भी मौजूद रहे।
स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से पुलिस ने कड़ी मशक्कत करते हुए क्षतिग्रस्त केबिन में फंसे चालक और खलासी को बाहर निकाला। यह रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण रहा क्योंकि केबिन बुरी तरह दब चुका था।
घायल चालक और खलासी को तुरंत NHAI के एम्बुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) जक्खिनी भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
चौकी प्रभारी राजेश कुमार मौर्या ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि चालक को संभवतः नींद आ गई थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, मामले की जांच जारी है।वहीं हादसे के बाद कुछ समय के लिए ओवरब्रिज पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया था,लेकिन पुलिस की तत्परता से जल्द ही यातायात को सुचारू रूप से चालू कर दिया गया।
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि वाहन चलाते समय जरा सी लापरवाही कितनी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। खासकर लंबी दूरी तय करने वाले ड्राइवरों को पर्याप्त आराम और सतर्कता बेहद जरूरी है आपकी एक छोटी सी गलती आपकी और दूसरों की जान को खतरे में डाल सकती है।
--रिपोर्ट: उपेंद्र उपाध्याय
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