Khabrilaal News Desk :
वाराणसी – जिला प्रशासन द्वारा आयोजित “काशी वंदन” सांस्कृतिक संध्या में संगीत और आध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के युवा गायक प्रद्युम्न नौटियाल ने अपनी मधुर आवाज़ और भावपूर्ण प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
गणेश वंदना से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गणेश की वंदना से हुई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके बाद प्रद्युम्न नौटियाल ने दादरा शैली में “ना जाओ जमुना के पार रे” प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।
शिव भजन ने बांधा आध्यात्मिक रंग
कार्यक्रम के अंतिम चरण में उन्होंने भगवान शिव पर आधारित भजन प्रस्तुत किया, जिसने पूरे माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। श्रोता पूरी तरह संगीत में डूबे नजर आए और तालियों की गूंज से कलाकार का उत्साह बढ़ाते रहे।
संगत कलाकारों ने भी बिखेरा जादू
प्रस्तुति को और प्रभावशाली बनाने में संगत कलाकारों की भी अहम भूमिका रही। तबले पर श्रीनारायण दीक्षित, हारमोनियम पर जयवर्धन पाण्डेय और गिटार पर सूरज तिवारी ने बेहतरीन तालमेल के साथ प्रस्तुति को यादगार बना दिया।
सफल आयोजन बना यादगार
कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन अंकित सिंह ने किया, जबकि संयोजन अंशुमान महाराज द्वारा किया गया। यह सांस्कृतिक संध्या कला, संगीत और आध्यात्म का अनूठा संगम बनकर उपस्थित लोगों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव साबित हुई।
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