Khabrilaal News Desk :

वाराणसी – महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर ‘पंच परिवर्तन : समाज एवं मीडिया’ विषयक संगोष्ठी एवं पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्व संवाद केन्द्र काशी, समाजशास्त्र विभाग तथा मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में गांधी अध्ययनपीठ सभागार में सम्पन्न हुआ।

पत्रकारिता का मूल उद्देश्य संवाद

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हिन्दुस्थान समाचार एजेंसी, नई दिल्ली के संपादक जितेन्द्र तिवारी ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य संवाद स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता आंदोलन के दौरान पत्रकारिता एक सशक्त माध्यम थी, जिसने समाज को एकजुट किया और ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आवाज बुलंद की। उन्होंने यह भी कहा कि “अपने को खोजना ही नारद जी की पत्रकारिता है” और आज के दौर में पत्रकारिता को जन से जुड़ना होगा।

मिशन से कमीशन बनने पर चिंता

जितेन्द्र तिवारी ने वर्तमान पत्रकारिता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब से पत्रकारिता मिशन से कमीशन में बदली है, तब से इसके मूल्यों पर संकट आया है। उन्होंने सत्यनिष्ठ पत्रकारिता को समाज और सरकार के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम बताया।

नारद जी के गुणों को अपनाने की जरूरत

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि नारद जी के गुणों को प्रचारित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को समरसता और मानवता के दृष्टिकोण से देखना चाहिए। समय के अनुसार पत्रकारिता में बदलाव जरूरी है, लेकिन इसके मूल सिद्धांतों को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।

पत्रकारों को किया गया सम्मानित

इस अवसर पर विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिवाशंकर पाण्डेय, डॉ. जिनेश कुमार, वन्दना सिंह, आदर्श कुमार, सुशांत कुमार मुखर्जी और अशोक मिश्रा सहित कई पत्रकारों को सम्मान प्रदान किया गया।

बड़ी संख्या में मौजूद रहे लोग

कार्यक्रम में शिक्षकों, पत्रकारों और छात्रों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। आयोजन के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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