वाराणसी। चैत्र नवरात्रि का भव्य शुभारंभ गुरुवार को शुभ संयोग के साथ प्रारंभ हुआ,इस दौरान पूरी काशी 'जय माता दी' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठी। नवरात्रि के प्रथम दिन भगवती दुर्गा के प्रथम स्वरूप 'माँ शैलपुत्री' के दर्शन-पूजन का विधान है, और इसी क्रम में काशी के सभी देवी मंदिरों में भोर से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिला।
बताते चलें कि आज नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री के दर्शन के लिए न केवल वाराणसी, बल्कि दूर-दराज के इलाकों से भी श्रद्धालु भारी संख्या में यहाँ पहुँचे हुए थे। नवरात्र के प्रथम दिन मंदिर परिसर को फूलों और बिजली की झालरों से बेहद मनमोहक ढंग से सजाया गया है, जो अपने आप में मां के दरबार की सुंदरता को बयां कर रहा था और धूप-दीप और कपूर की सुगंध से पूरा वातावरण दिव्य हो उठा। भक्त हाथों में नारियल, चुनरी और माला लेकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
ऐसी मान्यता है कि माँ शैलपुत्री के दरबार से कभी भी कोई खाली हाथ नहीं लौटता, और भक्त यहाँ अपने परिवार की सुख-शांति और आरोग्य की मन्नतें माँगने के लिए आते हैं। देवी के दर्शन के लिए उमड़ रही भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन के द्वारा सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किया गया था, और श्रद्धालुओं से अपील किया जा रहा था कि वे धैर्य और संयम बनाए रखें।

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