Khabrilaal News Desk :

भारत की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के बढ़ते प्रभाव और सैन्य ताकत के बीच पाकिस्तान ने अब अपनी नई मिसाइल FATAH-3 का परीक्षण करने का दावा किया है। पाकिस्तान इसे बड़ी सैन्य उपलब्धि बता रहा है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल भारतीय ब्रह्मोस की बराबरी से अभी काफी दूर है।

पाकिस्तान का दावा – सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल

पाकिस्तानी सेना ने 7 मई को FATAH-3 सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण का दावा किया। पाकिस्तान समर्थक सोशल मीडिया हैंडल्स और रक्षा विश्लेषक इसे भारत की ब्रह्मोस मिसाइल का जवाब बता रहे हैं। हालांकि भारतीय सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान के कई मिसाइल परीक्षण सिर्फ प्रचार और मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा हैं।

चीन की तकनीक पर आधारित है FATAH-3

ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) रिसर्चर्स के अनुसार FATAH-3 वास्तव में चीन की HD-1 सुपरसोनिक मिसाइल का ही एक संस्करण है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान ने इसे चीनी तकनीक की मदद से तैयार किया है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह चीन-पाकिस्तान के बढ़ते सैन्य सहयोग और मिसाइल टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन को दर्शाता है।

ब्रह्मोस के सामने कमजोर पड़ती दिख रही FATAH-3

विशेषज्ञों के अनुसार ब्रह्मोस और FATAH-3 के बीच तकनीकी अंतर काफी बड़ा है।

  • स्पीड:
    ब्रह्मोस 2.8 से 3 मैक की स्थिर गति से उड़ान भरती है, जबकि FATAH-3 की अनुमानित गति 2.5 से 4 मैक बताई जा रही है, लेकिन इसकी विश्वसनीयता अभी साबित नहीं हुई है।
  • रेंज:
    ब्रह्मोस की मारक क्षमता 300 से 500 किलोमीटर तक है और इसे 800 किलोमीटर तक बढ़ाने की तैयारी चल रही है। वहीं FATAH-3 की रेंज करीब 290 किलोमीटर बताई जा रही है।
  • टेक्नोलॉजी और सटीकता:
    ब्रह्मोस “फायर एंड फॉरगेट” तकनीक और बेहद सटीक लक्ष्य भेदन क्षमता के लिए जानी जाती है। यह दुनिया की उन चुनिंदा मिसाइलों में शामिल है जिन्हें जमीन, समुद्र और हवा—तीनों प्लेटफॉर्म से लॉन्च किया जा सकता है।

भारत के अंदरूनी शहरों तक नहीं पहुंच पाएगी

रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि 290 किलोमीटर की सीमित रेंज के कारण FATAH-3 भारत के अंदरूनी हिस्सों जैसे दिल्ली, मुंबई या मध्य भारत तक नहीं पहुंच सकती। यह केवल सीमा के आसपास मौजूद सैन्य ठिकानों के लिए ही खतरा बन सकती है।

पाकिस्तान की बढ़ती बेचैनी का संकेत?

विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रह्मोस जैसी युद्ध में परखी हुई मिसाइल के सामने पाकिस्तान की यह नई मिसाइल अभी शुरुआती चरण में है। पाकिस्तान द्वारा जल्दबाजी में किए जा रहे मिसाइल परीक्षण उसकी रणनीतिक चिंता और भारत की सैन्य ताकत को लेकर बढ़ती बेचैनी को दर्शाते हैं।

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