Khabrilaal News Desk :
वाराणसी – लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, बाबतपुर पर यात्रियों को किफायती दरों पर नाश्ता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘उड़ान यात्री कैफे’ अपने उद्घाटन के महज एक माह के भीतर ही बंद हो गया है। ₹10 में चाय और ₹20 में समोसा देने वाली इस सुविधा के अचानक बंद होने से खासकर बजट यात्रियों में भारी निराशा देखी जा रही है।
उद्घाटन के बाद जगी थी उम्मीदें
विदित हो कि 29 मार्च को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री द्वारा वाराणसी सहित देश के दस हवाई अड्डों पर ‘उड़ान यात्री कैफे’ का वर्चुअल उद्घाटन किया गया था। इस पहल का उद्देश्य एयरपोर्ट पर महंगे खान-पान के विकल्प के रूप में सस्ती सुविधा उपलब्ध कराना था। उद्घाटन के बाद यात्रियों को उम्मीद थी कि उन्हें अब किफायती दरों पर चाय-नाश्ता मिल सकेगा।
अचानक गायब हुआ कैफे
एयरपोर्ट के प्रस्थान गेट नंबर डी-1 के पास स्थापित यह कैफे कुछ ही हफ्तों में पूरी तरह गायब हो गया। अब वहां कैफे का कोई नामोनिशान नहीं है, जिससे यात्रियों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्री सस्ती सुविधा की उम्मीद में यहां पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।
यात्रियों को झेलनी पड़ रही परेशानी
कैफे के बंद होने से यात्रियों के साथ-साथ उनके परिजनों और आगंतुकों को भी असुविधा हो रही है। अब उन्हें मजबूरी में एयरपोर्ट के अन्य महंगे आउटलेट्स से खाद्य सामग्री खरीदनी पड़ रही है, जिससे उनका खर्च बढ़ रहा है।
संचालन और सप्लाई चेन बनी वजह
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कैफे के बंद होने के पीछे संचालन संबंधी समस्याएं और सप्लाई चेन की दिक्कतें प्रमुख कारण मानी जा रही हैं। बेहद कम कीमत पर गुणवत्ता बनाए रखना और एयरपोर्ट के सख्त नियमों के बीच संचालन करना संचालकों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि ‘उड़ान यात्री कैफे’ टर्मिनल बिल्डिंग के बाहर स्थित था, जिससे यात्रियों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इसे टर्मिनल के अंदर फिर से शुरू किया जाएगा, ताकि यात्रियों को इस किफायती सुविधा का लाभ मिल सके।
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