Khabrilaal News Desk :

वाराणसी – बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चल रहे रनवे विस्तार और टनल निर्माण परियोजना में जलभराव की बड़ी चुनौती सामने आने के बाद अब काम नई तकनीक के साथ दोबारा शुरू हो गया है। इस परियोजना की लागत में 150 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है और अब इसके वर्ष 2027 तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

ऊपर विमान, नीचे दौड़ेंगे वाहन

यह परियोजना इंजीनियरिंग का अनोखा उदाहरण बनकर सामने आएगी। रनवे विस्तार के चलते वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-31) का हिस्सा प्रभावित हो रहा था। ऐसे में सड़क को बंद करने के बजाय रनवे के नीचे टनल (अंडरपास) बनाने का निर्णय लिया गया। टनल के तैयार होने के बाद ऊपर से विमान उड़ान भरेंगे और नीचे से वाहन सुचारु रूप से गुजर सकेंगे।

जलभराव बनी  बड़ी बाधा

टनल निर्माण के दौरान खुदाई में भारी मात्रा में पानी निकलने से काम को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था। इसके बाद आईआईटी दिल्ली और आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने तकनीकी समाधान सुझाया, जिसके तहत पाइलिंग और पीसीसी तकनीक अपनाई जा रही है।

नई तकनीक से मिलेगी मजबूती

  • पाइलिंग (Piling): जमीन के भीतर गहराई तक मजबूत खंभों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे रनवे और टनल को स्थायित्व मिल सके।
  • पीसीसी (PCC): पानी के रिसाव को रोकने के लिए सीमेंट कंक्रीट की मजबूत परत बिछाई जा रही है।

इन अतिरिक्त तकनीकी कार्यों के कारण परियोजना की लागत बढ़कर 217 करोड़ रुपये से लगभग 367 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

रनवे विस्तार से बढ़ेगी उड़ानों की संख्या

रनवे की लंबाई बढ़ने के बाद एयरपोर्ट पर बड़े और भारी विमानों की लैंडिंग संभव हो सकेगी। इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे वाराणसी की कनेक्टिविटी और भी बेहतर होगी।

2027 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट

अधिकारियों के अनुसार, जलभराव के कारण काम की गति प्रभावित हुई थी, लेकिन अब अतिरिक्त बजट और नई तकनीक के साथ कार्य तेज कर दिया गया है। अनुमान है कि सितंबर 2027 तक यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूरी हो जाएगी।

 
 
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