Khabrilaal News Desk :

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रचंड जीत के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। ढाका के कई राजनीतिक विश्लेषकों और नेताओं ने इसे लेकर चिंता जाहिर की है। उनका मानना है कि अब केंद्र और पश्चिम बंगाल दोनों जगह बीजेपी की सरकार होने से सीमा सुरक्षा और घुसपैठ के मुद्दों पर सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

ढाका के विशेषज्ञों ने जताई चिंता

ढाका के लेखक और पत्रकार जन्नतुल नईम ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद वहां हुई हिंसा और राजनीतिक माहौल को लेकर बांग्लादेश में बेचैनी बढ़ी है। बांग्लादेशी मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही खबरों और तस्वीरों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

सीमा सुरक्षा और घुसपैठ बना बड़ा मुद्दा

विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच करीब 2200 किलोमीटर लंबी सीमा है, जहां सीमा सुरक्षा को लेकर पहले से ही कई मुद्दे बने हुए हैं। बीजेपी लंबे समय से बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाती रही है। ऐसे में अब सीमा पर बाड़बंदी, ड्रोन निगरानी और AI आधारित मॉनिटरिंग तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

‘पुश इन’ अभियान को लेकर बढ़ी आशंका

बांग्लादेश में इस बात को लेकर भी चिंता है कि असम की तरह पश्चिम बंगाल में भी कथित अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो सकती है। हाल ही में असम में ‘पुश इन’ अभियान को लेकर बांग्लादेश ने आपत्ति जताई थी। अब पश्चिम बंगाल में भी ऐसी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है।

सूरीनाम में जयशंकर का बयान भी चर्चा में

वहीं विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सूरीनाम दौरे के दौरान वैश्विक राजनीति और संसाधनों के “हथियारीकरण” पर चिंता जताई। उन्होंने कोविड काल का जिक्र करते हुए कहा कि एक विकसित देश ने अपनी आबादी से आठ गुना ज्यादा वैक्सीन जमा कर ली थी, जबकि कई गरीब और विकासशील देश वैक्सीन के लिए संघर्ष कर रहे थे।

भारत की ‘वैक्सीन मैत्री’ पहल का किया जिक्र

विदेश मंत्री ने भारत की “वैक्सीन मैत्री” पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने मुश्किल समय में कई देशों की मदद की और दुनिया को वैक्सीन उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक स्तर पर एक जिम्मेदार और भरोसेमंद शक्ति के रूप में उभर रहा है।

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