Khabarilaal news desk 

लखनऊ । जब युवा शक्ति राष्ट्र के लिए चिंतन करती है, जब वह केवल अपने भविष्य नहीं बल्कि पूरे देश के भविष्य की दिशा तय करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ती है—तो इतिहास के पन्नों में नए अध्याय जुड़ते हैं। आज उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक विधानसभा में कुछ ऐसा ही अद्भुत और प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला, जब प्रदेश के 75 जनपदों से आई युवा शक्ति ने “विकसित भारत” के विजन को न सिर्फ स्वर दिया, बल्कि उसे संकल्प में बदलते हुए पूरे सदन को ऊर्जा से भर दिया।

तीन दिवसीय राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026 प्रतियोगिता का शुभारंभ

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा ‘मेरा युवा भारत’ के तहत विधानसभा में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026 प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का विषय रहा—केन्द्रीय बजट 2026 विकसित भारत 2047 की ओर भारतीय युवाओ के मार्ग को शशक्त बनाना । प्रत्येक युवा को अपने विचार व्यक्त करने हेतु 03 मिनट का समय दिया जाएगा, कुल 375 को राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद हेतु चयनित किया गया , युवाओं ने जिस गहराई और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से बजट के विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया, उसने यह सिद्ध कर दिया कि नई पीढ़ी केवल अवसर तलाशने वाली नहीं, बल्कि अवसरों को सृजित करने वाली भी है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह बजट युवा सशक्तिकरण, स्टार्टअप, नवाचार, स्किल डेवलपमेंट और आत्मनिर्भर भारत की विकसित भारत 2047 की दिशा में एक मजबूत कदम है।

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, माननीय उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक और माननीय युवा कल्याण एवं खेल राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पांजलि और “वंदे मातरम” के सामूहिक गायन ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। उस क्षण विधानमंडप में केवल आवाजें नहीं, बल्कि एक संकल्प गूंज रहा था—“राष्ट्र प्रथम”।

राष्ट्र प्रथम ही युवा का मूल मंत्र बने” : मा0 विधानसभा अध्यक्ष

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि “विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब युवा अपने भीतर राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वोपरि रखेंगे।” उन्होंने युवाओं को उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि हर छोटा प्रयास भी देश को आगे बढ़ाने में योगदान देता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि आज देश का युवा जागरूक है, संगठित है और संकल्पित है। उन्होंने माय भारत द्वारा युवाओं को एक मंच देने की सराहना करते हुए कहा कि यह मंच युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने का काम कर रहा है। साथ ही युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने गांव-समाज में लौटकर इस अनुभव को साझा करें ताकि और अधिक युवा प्रेरित हो सकें।

आज का युवा ही कल के भारत की तस्वीर,उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि “आज का युवा ही कल के भारत की तस्वीर है।” उन्होंने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए युवाओं को निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जोखिम लेने से डरना नहीं चाहिए क्योंकि नवाचार और नए विचार ही विकसित भारत की नींव बनेंगे। उनके शब्दों में—“पेन की नीब से लेकर संसद के संचालन तक हर चीज को समझिए, सीखिए और आगे बढ़िए।” उन्होंने राज्य युवा संसद और माय भारत की सराहना करते हुए इसे लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया।

उत्तर प्रदेश के 21 लाख से अधिक युवा माय भारत प्लेटफॉर्म से जुड़े

राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि यूथ पार्लियामेंट केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है जहां युवा लोकतंत्र को समझते हैं, नीति निर्माण में अपनी भूमिका निभाते हैं और नेतृत्व कौशल को निखारते हैं। उन्होंने बताया कि आज उत्तर प्रदेश के 21 लाख से अधिक युवा माय भारत प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं। केंद्रीय बजट 2026 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसे “युवाओं के लिए, युवाओं द्वारा बनाया गया बजट” कहा गया है, जिसकी नींव विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में रखी गई थी—जहां प्रधानमंत्री ने स्वयं युवाओं से संवाद कर उनके सुझावों को नीतियों में शामिल किया।

एक सूत्र में, विधानसभा बना राष्ट्र चिंतन का केंद्र जब मंच पर उतरे युवा, विचारों से भर गया विधानमंडप—दिखा नए भारत का स्वरूप

कार्यक्रम में पहुंचे युवाओं ने भी अपने विचारों और तर्कों से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनकी प्रस्तुति में गांव की जमीनी समझ, राष्ट्रीय दृष्टिकोण और वैश्विक सोच का अनूठा संगम देखने को मिला। पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवाओं ने जब मंच संभाला, तो उनके शब्दों में आत्मविश्वास और दृष्टि दोनों स्पष्ट दिखाई दिए। उनके विचारों में केवल तर्क नहीं, बल्कि देश के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी की भावना भी झलक रही थी। हर भाषण के बाद तालियों की गूंज यह संकेत दे रही थी कि यह केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विचारों का उत्सव है। कार्यक्रम ने यह भी दिखाया कि जब 75 जनपदों की युवा शक्ति एक मंच पर आती है, तो वह केवल संवाद नहीं करती, बल्कि एक साझा दृष्टि का निर्माण करती है। यह आयोजन “विकसित भारत” के उस रोडमैप की झलक बनकर सामने आया, जिसमें गांव, जिला, प्रदेश और राष्ट्र—चारों स्तर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

इन प्रमुख लोगों की रही उपस्थिति 

इस अवसर पर माय भारत उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय निदेशक अनिल कुमार सिंह, राज्य निदेशक गोपेश पांडेय, उप निदेशक विकास कुमार सिंह, उपनिदेशक सोनिक चंद्र जिला युवा अधिकारी राम गोपाल सिंह चौहान, जिला युवा अधिकारी संजीव सिंह, जिला युवा अधिकारी, रश्मि शबनम गुप्ता, सीमा पांडेय सहायक निदेशक रवि दत्त, सहायक निदेशक कुमारी दिव्या, लेखा एवं कार्यक्रम सहायक विशाल सिंह एवं योगेश कुमार उपस्थित रहे। वहीं कार्यक्रम आयोजन में अनन्या तिवारी, मृणाली दीक्षित ने पूरे कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित किया।प्रतियोगिता मे निर्णायक ज्यूरी के रूप मे माननीय विधायक श्री शशांक वर्मा जी , माननीय विधायक डॉ सुरभि जी,, डॉ नीरज बोरा जी द्वारा समस्त प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया जाएगा|

जानिए विकसित भारत युवा संसद 2026 के बारे में:

भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा विकसित भारत युवा संसद का आयोजन देशभर में चार चरणों में किया गया। प्रथम चरण में 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के लाखों युवाओं ने माय भारत प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन आवेदन किया।द्वितीय चरण में देशभर के जनपदों सहित उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों में “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सीख” विषय पर जिला स्तरीय विकसित भारत युवा संसद आयोजित की गई, जिसके माध्यम से 05 उत्कृष्ट विजेताओं का चयन किया गया।

राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026 में 75 जनपदों के युवा जुड़े

इसके पश्चात सभी 75 जनपदों से चयनित कुल 375 श्रेष्ठ युवा प्रतिभागियों को उत्तर प्रदेश विधानसभा में आयोजित राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026 में आमंत्रित किया गया, जहां “केंद्रीय बजट 2026: विकसित भारत 2047 की ओर युवाओं के मार्ग को सुदृढ़ बनाना” विषय पर चर्चा हुई।

युवा केवल श्रोता नहीं, बल्कि सक्रिय सहभागी

इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयनित 03 उत्कृष्ट प्रतिभागियों को अंतिम चरण में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय विकसित भारत युवा संसद में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा जहां उत्तर प्रदेश सहित सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के विजेता नई दिल्ली के संसद भवन में आयोजित राष्ट्रीय विकसित भारत युवा संसद 2026 में भाग लेंगे और अपने-अपने राज्यों का प्रतिनिधित्व करेंगे।यह मंच युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की गहराई को समझने, नीति-निर्माण में अपनी भागीदारी दर्ज कराने और अपने नेतृत्व कौशल को परखने का सशक्त अवसर प्रदान करता है। यहां युवा केवल श्रोता नहीं, बल्कि सक्रिय सहभागी बनकर देश की दिशा तय करने की प्रक्रिया का अनुभव कर रहे हैं।

केंद्रीय बजट 2026 को युवाओं की आकांक्षाओं को केंद्र में रखते हुए किया गया तैयार

“केंद्रीय बजट 2026: विकसित भारत 2047 की ओर भारतीय युवाओं के मार्ग को सशक्त बनाना” विषय की गहराई को समझें तो यह केवल एक आर्थिक दस्तावेज की चर्चा नहीं, बल्कि देश के भविष्य की रूपरेखा पर विमर्श है। केंद्रीय बजट 2026 को युवाओं की आकांक्षाओं को केंद्र में रखते हुए तैयार किया गया एक दूरदर्शी दस्तावेज माना जा रहा है। माननीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे “युवाओं के लिए, युवाओं द्वारा बनाया गया बजट” बताते हुए यह स्पष्ट किया कि इसमें युवाओं की भागीदारी केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि वास्तविक और प्रभावशाली रही है।

भारत युवाओं की सोच को नीतियों में बदलने की दिशा में बढ़ रहा आगे 

इस बजट की नींव 12 जनवरी 2026 को भारत मंडपम में आयोजित Viksit Bharat Young Leaders Dialogue के दौरान रखी गई, जहां माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर से आए युवा नेताओं से सीधे संवाद किया। इस संवाद में स्वास्थ्य, उद्यमिता, स्वच्छता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर युवाओं ने अपने विचार रखे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इन विचारों को केवल सुना नहीं गया, बल्कि उन्हें केंद्रीय बजट 2026 में समाहित भी किया गया—जो इस बात का प्रमाण है कि आज का भारत युवाओं की सोच को नीतियों में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री का “विकसित भारत 2047” का विजन केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि एक व्यापक राष्ट्रीय अभियान

प्रधानमंत्री का “विकसित भारत 2047” का विजन केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि एक व्यापक राष्ट्रीय अभियान है, जिसमें भारत को एक विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दिशा तय की गई है। इसी क्रम में 1 लाख ऐसे युवा नेताओं को तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि से नहीं आते, बल्कि गांवों और देश के विभिन्न हिस्सों से उभरकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे।

यूथ पार्लियामेंट इसी सोच का विस्तार

यह यूथ पार्लियामेंट इसी सोच का विस्तार है—जहां युवा केवल भविष्य के नागरिक नहीं, बल्कि वर्तमान के नीति-निर्माता के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। यह पहल युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जोड़ने, समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर विचार रखने और संवाद व नेतृत्व कौशल विकसित करने का सशक्त माध्यम बन रही है। “विकसित भारत @2047” और अमृत काल की परिकल्पना के अनुरूप यह कार्यक्रम युवाओं को राष्ट्र निर्माण के केंद्र में स्थापित करने का प्रयास करता है।

गोपेश पांडेय राज्य निदेशक माय भारत उत्तर प्रदेश -9891408870

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