Khabarilaal news desk 

वाराणसी।सिंधोरा के बसन्तपुर (चकदुल्ला) में रोहित राजभर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर सिंधोरा चौराहे पर अपराह्न में होने वाला धरना प्रदर्शन पुलिस के सूझबूझ व सतर्कता के चलते नही हो पाई। 

शव मिलने के तीन दिन बीतने के बाद पुलिस की निष्क्रियता से ग्रामीणों में रोष

बताते चलें कि केराकत (जौनपुर) के घोड़दौड़ निवासी रोहित राजभर की मंगलवार की रात्रि में बारात से घर जाते समय मौत हो जाने पर हत्या का आरोप लगाते हुए सिंधोरा में चक्का जाम कर दिया था। घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न होने पर भैरव सेना के आदित्य राजभर के नेतृत्व में राजभर समाज के लोग सिंधोरा में प्रदर्शन करने पहुचने लगे। जिसपर पुलिस ने परिजनों व ग्रामीणों को समझा बुझाकर वापस कर दिया और परिजनों को घटना के तह तक जाने का आश्वासन दिया गया।

पीएम रिपोर्ट में मिला शरीर पर चोट का निशान

सिंधोरा थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि परिजनों को पीएम रिपोर्ट के बाबत सन्तुष्ट करते हुए आश्वासन दिया कि शरीर पर चोट के निशान मिले है। जिसकी गहनता से अध्ययन करने के बाद उसपर कार्रवाई होगी। जिसपर ग्रामीण सन्तुष्ट हुए और वापस चले गए। जिसपर पुलिस ने राहत की सांस ली। वही सिंधोरा चौराहे पर धरना प्रदर्शन के सूचना पर काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रही।

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