वाराणसी। प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य तथा जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि पिछले 09 वर्षों में पूरे प्रदेश के साथ ही काशी ने अभूतपूर्व विकास का अनुभव किया है। धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ कृषि, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल सेवाओं, आधारभूत संरचना और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में व्यापक सुधार हुए हैं। श्री काशी विश्वनाथ धाम, रिंग रोड, स्मार्ट सिटी, गंगा घाटों का पुनर्विकास, पंचकोसी यात्रा मार्ग, आधुनिक स्वास्थ्य संस्थान, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, किसानों- उद्यमियों को वित्तीय सहायता, और पर्यटन-आधारित अवसंरचना ने काशी को वैश्विक पहचान दिलाई है। प्रदेश में 27 फीसदी क्षेत्र शहरी हुआ है। इन 9 वर्षों में 5 फीसदी शहरी क्षेत्र का विस्तार हुआ है। 

वाराणसी जनपद की GDP 2017 में 22,586 करोड़ से बढ़कर अब 56,900 करोड़ हो गई है-प्रभारी मंत्री

मंत्री सुरेश खन्ना गुरूवार को योगी सरकार के अभूतपूर्व विकास एवं सतत् समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चौकाघाट स्थित गिरिजादेवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित कार्यक्रम के पश्चात् पत्र-प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वाराणसी जनपद की GDP 2017 में 22,586 करोड़ से बढ़कर अब 56,900 करोड़ हो गई है तथाप्रति व्यक्ति आय 1,14,685 रुपये तक पहुँच चुकी है। यह विकास काशी को एक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और आधुनिक शहरी मॉडल के रूप में स्थापित करता है। अवस्थापना सेक्टर के अंतर्गत काशी में विगत 9 वर्षों में रू0 35,156 करोड़ से अधिक लागत की मार्ग, सेतु, पेयजल, सीवरेज, एसटीपी, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन, नगर विकास एवं पुलिस कल्याण आदि से सम्बन्धित 486 मुख्य वृहद् परियोजनायें पूर्ण कराकर आमजन को लोकार्पित की गयी हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 17,915 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जनपद में रू0 22,829 करोड़ से अधिक लागत से रिंग रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग एवं सेतु निर्माण सम्बन्धी 127 परियोजनाओं का निर्माण पूर्ण कराया गया है। इसके अतिरिक्त रू0 5,813 करोड़ से अधिक लागत के सड़को एवं सेतुओं का निर्माण कार्य प्रगति है। रू0 1,529 करोड़ से अधिक लागत से रेलवे, एयर पोर्ट एवं जलमार्ग का निर्माण पूर्ण कराया गया है।

4,934 करोड़ अधिक लागत की रेलवे, एयरपोर्ट व अन्य परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर

इसके अतिरिक्त 4,934 करोड़ अधिक लागत की रेलवे, एयरपोर्ट व अन्य परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है। स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत जनपद में रू0 877.65 करोड़ की लागत से 34 परियोजनायें पूर्ण करायी गयी हैं जिनमें मुख्य रूप से काशी इन्टीग्रटेड कमाण्ड कन्ट्रोल सेन्टर, शहर में 720 स्थलों पर उन्नत सर्विलांस कैमरे, वाराणसी स्पोर्ट्स काम्पलेक्स सिगरा, टाउन हाल शापिंग काम्प्लेक्स का निर्माण, थ्री डी अरबन डिजिटल मैप एवं गौदौलिया, चौक पर मल्टीलेवल टू व्हीलर पार्किंग का निर्माण आदि है। रू0 1000 करोड़ से अधिक लागत की 60 सीवरेज एवं पेयजल सम्बन्धी परियोजनायें पूर्ण करायी गयी हैं। इसके अतिरिक्त वर्तमान में 2100 करोड़ से अधिक लागत की पेयजल एंव सीवरेज सम्बन्धी परियोजनायें प्रगति पर हैं। रू0 512 करोड़ से अधिक लागत की शिक्षा से सम्बन्धित 32 परियोजनायें पूर्ण करायी गयी हैं। इसके अतिरिक्त रू0 544 करोड़ से अधिक लागत की 10 परियोजनाओं का निर्माण प्रगति में है। रू0 1100 करोड़ की लागत से शहरी विद्युत सुधार कार्य, 3722 मजरो में विद्युतीकरण, 220 के0वी0 विद्युत उपकेन्द्र निर्माण एवं बायो सीएनजी प्लान्ट आदि का निर्माण कराया गया है। इसके अतिरिक्त रू0 1,657 करोड़ से अधिक लागत की परियोजनाओं का निर्माण प्रगति में है। रू0 1870.36 करोड़ की लागत से स्वास्थ्य सम्बन्धी 43 परियोजनायें पूर्ण करायी गयी हैं, जिनमें मुख्य रूप से कैंसर इन्सटीटयूट, होमी भाभा कैन्सर हास्पिटल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में 430 शैय्यायुक्त सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण, जिला महिला चिकित्सालय, कबीरचौरा में सौ शैय्यायुक्त मैटरनिटी विंग का निर्माण एवं बोन मैरो ट्रान्सप्लान्ट एण्ड स्टेम सेल रिसर्च सेन्टर हैं। इसके अतिरिक्त वर्तमान में स्वास्थ्य अवस्थापनाओं सम्बन्धी 914 करोड़ की परियोजनायें निर्माणाधीन हैं।

9 वर्षों में 5 फीसदी शहरी क्षेत्र का विस्तार हुआ 

रू0 128.07 करोड़ की लागत से खेलकूद सम्बन्धी 06 परियोजनायें पूर्ण करायी गयीं है, जिनमें सिगरा स्पोर्टस स्टेडियम, जिला शूटिंग रेंज स्पोर्टस स्टेडियम, लालपुर में 100 बेड क्षमता के बालक बालिका छात्रावास व पब्लिक पवेलियन आदि मुख्य हैं। पुलिस वेलफेयर से सम्बन्धित रू0 87 करोड़ की लागत से 17 परियोजनायें पूर्ण करायी गयी हैं। इसके अतिरिक्त रू० 88 करोड़ की लागत से 03 परियोजनायें प्रगति पर हैं।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण

मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि वाराणसी शहर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निकट ग्राम-गंजारी में लगभग 100-150 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त क्षेत्र को काशी स्पोर्ट सिटी टाउनशिप के रूप में विकसित किये जाने की योजना है। जनपद में लगातार बढ़ते भारी वाहनों के आवागमन से उत्पन्न यातायात दबाव और जाम की समस्या के समाधान हेतु 48 हेक्टेयर पर ट्रांसपोर्ट नगर योजना विकसित की जा रही है। मण्डलायुक्त कार्यालय परीसर में 2.6 एकड़ भूमि पर एकीकृत मण्डलीय कार्यालय परिसर (ICCC) विकसित किए जाने का प्रस्ताव है, जिसमें 58 विभागों को एक ही भवन में स्थानांतरित करने की योजना है। वाराणसी शहर में शिवपुर तिराहे से सेंट्रल जेल होते हुए जे०पी० मेहता तिराहे को जाने वाले मार्ग को संगीत पथ के रुप में रु0 354.23 लाख की लागत से विकसित किया गया है। रू0 144.53 करोड़ की लागत के कज्जाकपुरा सेतु का निर्माण कार्य भी पूर्ण कराया गया है। उन्होंने बताया कि जनपद की महत्वाकांशी योजनाओं के अन्तर्गत अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम गंजारी, रोप-वे, जल परिवहन के हाईड्रोजन पावर वीहकल तथा एयरपोर्ट टर्मिनल एवं रन-वे का विस्तार आदि परियोजनायें भी शीघ्र ही पूर्ण हो जायेंगी।

अवस्थापना सेक्टर के अंतर्गत काशी में विगत 9 वर्षों में रू0 35,156 करोड़ से अधिक लागत के कार्य हुए 

कृषि एवं सम्बद्ध सेक्टर की चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि काशी में 3,05,823 कृषकों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से लाभान्वित किया गया है तथा 16,026 किसानों को किसान ऋण मोचन योजना से लाभान्वित किया गया है। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पी०एम०-कुसुम) योजनान्तर्गत जनपद में अब तक कुल 1,055 किसानों के यहाॅ सोलर पम्प की स्थापना करायी गयी। किसान क्रेडिट कार्ड वितरण कार्यक्रम के अन्तर्गत वर्ष 2017-18 से अब तक कुल 97,263 किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण कराया गया। फसली ऋण वितरण के अन्तर्गत वर्ष 2017-18 से अब तक कुल 4,34,953.06 लाख रूपये फसली ऋण का वितरण कराया गया। कृषक उत्पादक संगठन-जनपद में अब तक कुल 41 कृषक उत्पादक संगठन का गठन किया गया है। जिसमें 14 कृषक उत्पादक संगठन को फार्म मशीनरी बैंक से एवं 01 एफपीओ को बीज प्रसंस्करण इकाई स्थापित करायी गयी है। 

एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनान्तर्गत बागवानी क्षेत्र विस्तार

एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनान्तर्गत बागवानी क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम में 9 वर्षो में 351.75 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फलों का बाग लगवाकर क्षेत्र विस्तार कराया गया। शाकभाजी क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम अन्तर्गत 9 वर्षो में 654.25 हेक्टेयर क्षेत्रफल में संकर शाकभाजी (फूलगोभी, पत्तागोभी, टमाटर, करैला, लौकी, खीरा की खेती करायी गयी।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनान्तर्गत 9 वर्षो में 3,412 कृषक लाभान्वित

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनान्तर्गत 9 वर्षो में 3,412 कृषकों को लाभान्वित करते हुये रू० 9,19,53,287/- का अनुदान कृषकों को उपलब्ध कराया गया। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद वाराणसी में धनराशि रू0 20,165.85 लाख की लागत से वरूणा नदी के चैनेलाइजेशन एवं तटीय विकास कार्य की परियोजना का कार्य पूर्ण कराया गया। जनपद वाराणसी में धनराशि रू0 1887.21 लाख की लागत से सदर तहसील के अन्तर्गत ग्राम समूह चन्द्रावती ऐतिहासिक श्वेताम्बर एवं दिगम्बर जैन मंदिर के सुरक्षा हेतु कटाव निरोधक कार्य का कार्य पूर्ण कराया गया। जनपद वाराणसी में धनराशि रू0 1065.66 लाख की लागत से तहसील सदर के अन्तर्गत कैथी मे गंगा नदी के बायें तट पर गोमती नदी के संगम पर "संगम घाट" का निर्माण एवं स्थल के पर्यटन विकास कार्य की परियोजना का कार्य पूर्ण कराया गया। 

वैज्ञानिक तरीके से तालाबों में मत्स्य पालन कार्य

पशुधन संरक्षण सेक्टर के अंतर्गत पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग द्वारा 03 बृहद गौसंरक्षण केन्द्र, 33 अस्थाई गौआश्रय स्थलों का निर्माण कराया गया। वर्ष 2017 से अब तक 15353 निराश्रित गौवंश संरक्षित किए जा चुके है, जिसमें से अब तक 3731 गौवंश सहभागिता योजनान्तर्गत सुपुर्द किए गए है। दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि0, वाराणसी में 02 लाख लीटर क्षमता के नये डेयरी प्लाण्ट का निमार्ण कराया गया, जिसपर कुल 15000.00 लाख रू0 व्यय हुआ। एन०डी०डी०बी० के सहयोग से दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि0, वाराणसी में बायो गैस प्लाण्ट का निर्माण कराया गया, जिस पर कुल मु० 2300.00 लाख रू० व्यय हुआ। मत्स्य विभाग की ओर से ग्रामसभा के कुल 551 रकचा 438.87 हे0 का पट्टा आवंटन कराकर वैज्ञानिक तरीके से तालाबों में मत्स्य पालन कार्य कराया जा रहा है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत नर्सरी निर्माण योजना में ग्राम सभा के 1.0 हे0 के तालाबों में 0.10 हे0 के 35 मत्स्य पालकों का चयन कर नर्रारी निर्माण कराया गया। नीली कान्ति योजनान्तर्गत 34 मत्स्य पालकों का चयन कर उनका निर्माण कार्य पूर्ण कराते हुए अनुदान राशि देकर लाभार्थियों को लाभान्चित किया गया। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक कुल 244 लाभार्थियों का विभिन्न परियोजनाओ हेतु चयन किया गया। 

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजनान्तर्गत 754 इकाईयां हुई स्थापित

उन्होंने बताया कि औद्योगिक विकास सेक्टर के अंतर्गत मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजनान्तर्गत 715 इकाईयां स्थापित हुई, जिसमें रू0 2192.81 लाख का ऋण उपलब्ध कराया गया तथा 2,131 लाभार्थियो को रोजगार उपलब्ध कराया गया। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजनान्तर्गत 754 इकाईयां स्थापित हुई जिसमें 3173.74 लाख रू0 का ऋण उपलब्ध कराया गया तथा 3331 लाभार्थियो को रोजगार उपलब्ध कराया गया। एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजनान्तर्गत 820 इकाईयां स्थापित हुई, जिसमें 3169.34 लाख रू0 का ऋण उपलब्ध कराया गया तथा 2047 लाभार्थियो को रोजगार उपलब्ध कराया गया। 

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजनान्तर्गत 2697 इकाईयां हुई स्थापित

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजनान्तर्गत 2697 इकाईयां स्थापित हुई, जिसमे रु०1199.82 लाख का ऋण उपलब्ध कराया गया तथा 5394 लाभार्थियो को रोजगार उपलब्ध कराया गया। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजनान्तर्गत 5800 लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण तथा प्रशिक्षणोपरांत प्रमाणपत्र, मानदेय के साथ ही उन्नत टूलकिट भी उपलब्ध कराया गया। एक जनपद एक उत्पाद प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजनान्तर्गत 2465 लाभार्थियों को कौशल प्रशिक्षण तथा प्रशिक्षणोपरांत प्रमाणपत्र, मानदेय, के साथ ही उन्नत टूलकिट भी उपलब्ध कराया गया। जिला प्रशासन और फ्लिपकार्ट के बीच सम्पन्न एमओयू के क्रम में जनपद में कार्यरत ओडीओपी व अन्य जी आई उत्पादों के कार्य करने वाले कारीगरों को डिजिटल प्लेटफार्म फ्लिपकार्ट पर ऑनबोर्ड कराकर ऑनलाइन बिजनेस को बढावा देने का प्रयास किया गया। एक जनपद एक उत्पाद योजनान्तर्गत 9.74 करोड लागत से रोहनिया विधानसभा में CFC का निर्माण (एसपीवी अप टाउन वेलफेयर फाउन्डेसन) जगतपुर, कसवार में किया गया है। इस सी एफ सी में डाइंग एवं डिजिटल प्रिंटिंग की सुविधा उपलब्ध है। उद्यमियों को अपने उद्यम हेतु पूंजी बाजार से पूंजी जुटाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज वाराणसी के मध्य एमओयू किया गया। स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजनान्तर्गत 174506 विद्यार्थियों को विभिन्न संस्थानों के माध्यम से टैबलेट/स्मार्टफोन उपलब्ध कराया गया। 

डिजीटल नवाचार के अंतर्गत जनपद वाराणसी में कुल 2206 जनसेवा केंन्द्र स्थापित

डिजीटल नवाचार के अंतर्गत जनपद वाराणसी में कुल 2206 जनसेवा केंन्द्र स्थापित है, जिनके माध्यम से 363 ऑनलाईन सेवाए आमजन मानस को उपलब्ध करायी जा रही है। जनपद के समस्त ग्राम पंचायतों एवं शहरी वार्ड में जनसेवा केंन्द्र कार्यरत है जिससे किसी भी व्यक्ति को सरकारी सेवायें यथा-आय-प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण, खतौनी कर नकल इत्यादि बिना मुख्यालय आये ही आमजन मानस को प्राप्त हो जाती है। विगत 9 वर्षों में 71,73,369 आवेदन निस्तारित किये जा चुके हैं। सरकारी कामों में पारदर्शिता एवं गतिशीलता बढाने हेतु ई-आफिस का कार्यान्वयन जनपद स्तर पर किया गया है। जनपद के समस्त विभागों द्वारा पत्रावलियों को ऑनलाईन स्कैन कर ऑनलाईन माध्यम से पेपरलेस कार्य किया जा रहा है।विभागों की प्रगति एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा करने हेतु CM डैशबोर्ड का निर्माण किया गया है। 

समस्त विभागों की ऑनलाइन सेवाओं की प्रगति एक ही पोर्टल पर

समस्त विभागों की ऑनलाइन सेवाओं की प्रगति एक ही पोर्टल पर की जाती है। प्रत्येक माह जनपद की रैंकिंग के आधार पर सुधार हेतु बिंदु चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही की जाती है। पर्यटन सेक्टर के अंतर्गत पर्यटन विकास से सम्बन्धित 721 करोड़ से अधिक लागत की 30 परियोजनायें पूर्ण करायी गयी हैं जिनमें मुख्य रूप से नमो घाट, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कारीडोर, सारनाथ में पर्यटन पुर्नविकास, पंचकोसी परिक्रमा यात्रा के पांच पड़ाव का पर्यटन विकास, कैथी में मारकण्डेय महादेव घाट से संगम घाट तक गंगा नदी के किनारे मार्ग, सारनाथ लेजर एण्ड साउण्ड शो, मारकण्डेय महादेव मंदिर, कैथी तथा गंगा घाट, कैथी का विकास, स्वर्वेद ध्यान केन्द्र, रामेश्वर में पर्यटन, विकास कार्य, आभासीय अनुभूति संग्रहालय, मान महल, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में अन्न क्षेत्र का निर्माण एवं गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक पर्यटनविकास एंव गंगा दर्शन गेस्ट हाउस श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर आदि शामिल हैं। इसके अतिरिक्त वर्तमान में 834 करोड़ से अधिक लागत की परियोजनायें निर्माणाधीन हैं। 

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का शिलान्यास

धमार्थ कार्य विभाग द्वारा श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का शिलान्यास मार्च 2019 में तथा लोकार्पण दिसम्बर 2021 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया। पुराना धाम परिसर क्षेत्र, जो केवल लगभग 3000 वर्ग फुट का था, की तुलना में अब यह धाम लगभग 5 लाख वर्ग फुट के विशाल क्षेत्र में विस्तृत हुआ है, जिसके निर्माण की लागत रू0 850.00 करोड़ है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा निःशुक्ल अन्नक्षेत्र का संचालन किया जा रहा है। नगर एवं ग्राम्य विकास सेक्टर के अंतर्गत नगर विकास विभाग द्वारा NTPC के सहयोग से एशिया का पहला वेस्ट टू चारकोल प्लांट रमना में 26 फरवरी, 2024 से प्रारम्भ किया गया है, जिसके माध्यम से वाराणसी नगर निगम सीमान्तर्गत उत्पन्न होने वाले कचरे को प्रसंस्कृत कर हरित कोयला का निर्माण किया जा रहा है। 

वेस्ट टू कम्पोस्ट प्लाण्ट करसड़ा का संचालन

वेस्ट टू कम्पोस्ट प्लाण्ट करसड़ा का संचालन माह दिसम्बर 2024 से मे० ईस्टर्न ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रा०लि० द्वारा किया जा रहा है जिसके माध्यम वाराणसी नगर निगम सीमान्तर्गत उत्पन्न होने वाले कचरे को प्रसंस्कृत कर कम्पोस्ट तैयार किया जाता है। वाराणसी नगर निगम द्वारा कचरे के प्रबन्धन एवं निस्तारण हेतु बायोमिथेनाइजेशन पद्धति पर 5–5 टन आधारित प्रतिदिन की क्षमता के तीन वेस्ट टू इनर्जी के प्लांट (भवनिया पोखरी, पहड़िया मंडी परिसर व आई०डी०एच० कज्जाकपुरा) का संचालन मे0 एस-3 फ्यूल द्वारा किया जा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में स्वच्छ गंगा टाउन में गंगा किनारे स्थित 88 शहरों में से वाराणसी नगर निगम को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। शहर की प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ किये जाने की उद्देश्य से राज्य वित्त आयोग, अवस्थापना विकास निधि, त्वरित आर्थिक योजना, मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना व नगर निगम निधि से वित्तीय वर्ष 2022-23 से अभी तक 23.55 करोड़ रूपये की धनराशि में से 19777 नग नई एल.ई.डी. लाइट फिटिंग, 237 नग हाई मास्ट तथा 1435 नग नये पोल लगाकर पथ प्रकाश व्यवस्था में सुधार किया गया। 

प्रदेश की जनता को मिल रहा योजनाओं का भरपूर लाभ

आवास एवं शहरी नियोजन विभाग द्वारा पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति पार्क का विकास (₹42.01 करोड़) किया गया, जिसमें 63 फीट ऊँची प्रतिमा एवं एम्फीथियेटर है।प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना अंतर्गत ग्राम कुरूहुआ में 250 आवास निर्मित, जिनमें 130 लाभार्थी निवासरत है। पीएम आवास योजना (शहरी) के तहत 858 आवास बनाकर आवंटित, ट्रैफिक दबाव कम करने हेतु ट्रांसपोर्ट नगर योजना प्रारंभ; 81 संपत्तियों के विक्रय से ₹130.52 करोड़ आय, आधुनिक सुविधायुक्त नवीन जिला पुस्तकालय का निर्माण प्रगति पर, जिसमें 500 लोगों के एक साथ अध्ययन की व्यवस्था है। ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा जनपद वाराणसी में विगत 09 वर्षों में 11625 स्वयं सहायता समूह 838 ग्राम संगठन तथा 32 संकुल संगठनों का गठन किया गया है। 

ग्रामीण अंचलों में विकास कार्य में आई है तेजी

10675 स्वयं सहायता समूहों को रिवाल्विंग फंड तथा 8794 समूहों को सामुदायिक निवेश निधि के रूप में धनराशि उपलब्ध कराई गई है। 8156 से अधिक स्वयं सहायता समूहों को क्रेडिट लिंकेज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 111 बैंक सखी, 55 वित्तीय साक्षरता कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन, 40 बीमा सखी तथा 15 बचत सखियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय उत्पादों सेवाओं एवं साक्षरता को बढ़ावा दिया जा रहा है। मनरेगा के अंतर्गत जनपद में वित्तीय वर्ष 2017-18 से अब तक कुल 165.86 लाख मानव दिवस का सृजन करते हुए मु0 54713.44 लाख का व्यय किया गया है। महिला सहभागिता के अन्तर्गत अबतक कुल 80.62730 लाख महिला मानव दिवस का सृजन किया गया है। जनपद वाराणसी में कुल 392 अमृत सरोवरों का निर्माण, वर्षा जल संरक्षण हेतु तालाबों के अतिरिक्त 275 शासकीय भवनों पर रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण तथा नाद एवं वरूणा नदी का पुनरूद्धार कार्य भी कराया गया है। ग्रामीण युवाओं के सर्वांगीण विकास हेतु कुल 433 खेल मैदानों का निर्माण कार्य कराया गया है, 316 आंगनवाड़ी केन्द्र भवनों का निर्माण कराया गया है। अबतक कुल 52 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण कराया गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 35 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण कराया जा रहा है।

गरीब परिवार को मिल रहा आयुष्मान कार्ड का लाभ

उन्होंने बताया कि जिला ग्राम्य विकास अभिकरण द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अन्तर्गत वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक 38,167 आवासों का निर्माण कराया गया है। योजना ग्रामीण के लाभार्थियों को आवास के साथ ही मनरेगा जॉब कार्ड, शौचालय, सौभाग्य योजना, आयुष्मान कार्ड, ई-श्रम कार्ड, राशन कार्ड तथा स्वयं सहायता समूह की सदस्यता भी उपलब्ध कराया जाता है। मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक 5967 आवासों का निर्माण कराया गया है। योजना ग्रामीण के लाभार्थियों को आवास के साथ ही मनरेगा जॉब कार्ड, शौचालय, सौभाग्य योजनाए आयुष्मान कार्ड, ई-श्रम कार्ड, राशन कार्ड तथा स्वयं सहायता समूह की सदस्यता भी उपलब्ध कराया जाता है। पंचायतीराज द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा०) व्यक्तिगत शौचालय अन्तर्गत अप्रैल 2017 से दिसम्बर 2025 में 284918 व्यक्तिगत शौचालय निर्मित हुए। 

डोर डोर किया जा रहा कूड़ा कलेक्शन

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा०) सामुदायिक शौचालय अन्तर्गत अप्रैल 2017 से दिसम्बर 2025 में 694 सामुदायिक शौचालय निर्मित हुए। जिसके संचालन के लिए स्वयं सहायता समूह के माध्यम से प्रत्येक सामुदायिक शौचालय पर केयर टेकर हैं जिनको रू0 6000.00 प्रति माह मानदेय के रूप में दिया जाता है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा० ) ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबन्धन अन्तर्गत अप्रैल 2017 से दिसम्बर 2025 में 1232 मॉडल ग्राम हो चुके हैं, जिसमें डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य किया जा रहा है। जनपद वाराणसी स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2023 में डेल्टा रैकिंग में प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। ग्रे-वॉटर मैनेजमेन्ट के अन्तर्गत 120 तालाबों में फ्लोटिंग वेटलैण्ड ट्रीटमेन्ट के माध्यम से अशुद्ध जल को स्वच्छ किया जा रहा है। वर्तमान में पंचायत भवन पंचायत सचिवालय के रूप में संचालित है एवं पंचायत सहायक के द्वारा ऑनलाइन सेवायें (आय, जाति, निवास, खतौनी इत्यादि) दी जा रही है। अब तक पंचायत सचिवालय से 189134 सेवायें दी जा चुकी है। जनपद वाराणसी औसत सेवा में राज्य में प्रथम स्थान पर रहा। 

जिले में 14498523 किया गया पौधरोपण

अन्त्येष्टि स्थल (RGSA)अन्तर्गत अप्रैल 2017 से दिसम्बर 2025 में 49 अन्त्येष्टि स्थल निर्मित हुए। कॉमन सर्विस सेन्टर (सीएससी-आरजीएसए) अन्तर्गत अप्रैल 2017 से दिसम्बर 2025 में 107 निर्मित हुए। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा जनपद वाराणसी के अन्तर्गत वन विभाग एवं अन्य विभागों द्वारा वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक वन विभाग द्वारा 3167518 एवं अन्य विभाग- 11331005 कुल 14498523 पौधों का रोपण किया गया है।

समाज कल्याण सेक्टर में जनपद में 70,047 निराश्रित महिलाओं को पेंशन

उन्होंने बताया कि जनपद वाराणसी के अन्तर्गत वायु प्रदूषण के रोकथाम हेतु वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक पूर्ण 8.517 हे0 के सापेक्ष 257246 पौध मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण किया गया है। एक पेड़ मॉ के नाम का योजना-वर्ष 2023-24 से एक पेड़ मॉ के नाम योजना लागू किया गया है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अन्तर्गत जनपद में नीजी विद्युत कनेकशन धारी उपभोक्तओ के घरो पर अब तक कुल 33890 अदद घरो को सोलर रूफटाप संयंत्र से अछादित किया गया है। समाज कल्याण सेक्टर में जनपद में 70,047 निराश्रित महिलाओं को पेंशन, 1,28,120 वृद्वजनों को वृद्वावस्था पेंशन एवं 22,878 दिव्यांगजनों को पेंशन दी जा रही है। जनपद में सामुहिक विवाहों का आयोजन कराकर 6,760 जोड़ों को विवाह कराया गया है। 78,492 बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से लाभान्वित कराया गया है।खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम योजनान्तर्गत 5,99,923 परिवारों में शामिल 26,88,531 सदस्यों को प्रतिवर्ष 16,53,708 कुं० खाद्यान्न (गेंहू व चावल) का वितरण कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजनान्तर्गत जनपद वाराणसी के 249259 परिवारों को रू0 4611.29 लाख की लागत से निःशुल्क घरेलू गैस कनेक्शन का वितरण किया गया है। वर्तमान में प्रधानमंत्री उज्ज्वला-03 योजनान्तर्गत 2919 नये लाभार्थियों को उज्ज्वला योजना से आच्छादित किया गया है। 

सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत 3.18 लाख श्रमिकों का पंजीयन

श्रम विभाग द्वारा जनपद वाराणसी में उoप्रo भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत 3.18 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के अन्तर्गत कुल 3033 श्रमिकों को लाभान्वित करते हुए धनराशि रू0 500.81 लाख का भुगतान किया गया है। मेधावी छात्र पुरस्कार योजना के अन्तर्गत कुल 308 श्रमिकों को लाभान्वित करते हुए धनराशि रू0 9.17 लाख का भुगतान किया गया है। मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना के अन्तर्गत कुल 209 श्रमिकों को लाभान्वित करते हुए धनराशि रू0 426.11 लाख का भुगतान किया गया है। 

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